ईरान के सरकारी प्रसारक ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग’ के अनुसार, सिरिक और मिनाब काउंटी के तटीय इलाकों में बुधवार को लगातार कई धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। इन घटनाओं को लेकर होर्मोजगान प्रशासन ने बताया कि केशम में सुनी गई आवाजों का स्रोत समुद्र में पाया गया है। वहीं, आईआरआईबी ने अरब मीडिया के हवाले से बताया कि सऊदी अरब के किंग फहद एयर बेस पर भी कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इसके अलावा, ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने खबर दी कि सऊदी शहर ताइफ में भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं। सऊदी मीडिया के हवाले से आईआरएनए ने कहा कि इलाके में कम से कम दो जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को दावा किया कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध आगामी अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद ‘तुरंत’ खत्म हो जाएगा। ट्रंप ने तेहरान पर आरोप लगाया कि वह इस उम्मीद में संघर्ष को खींच रहा है कि वाशिंगटन में सत्ता परिवर्तन हो और उसे परमाणु हथियार हासिल करने का मौका मिल सके।
कब खत्म होगा युद्ध?
टेक्सास के डलास में रिपब्लिकन मध्यावधि सम्मेलन के लिए रवाना होने से पहले पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है कि चुनाव के तुरंत बाद युद्ध खत्म हो जाएगा। ईरान के पास अब ज्यादा विकल्प नहीं बचे हैं। क्योंकि वे अब और नहीं टिक सकते। वे चुनाव को प्रभावित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, ताकि वहां लोगों का एक अच्छा, कमजोर समूह सत्ता में आ सके और हम उन्हें अकेला छोड़ दें और उन्हें अपना परमाणु हथियार हासिल करने दें। वे बस परमाणु हथियार चाहते हैं और अगर उनके पास परमाणु हथियार आ गया, तो पूरी दुनिया बड़ी मुसीबत में पड़ जाएगी।
बातचीत को लेकर ट्रंप ने दिया संकेत
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या उन्हें उम्मीद है कि ईरान के साथ राजनयिक बातचीत फिर से शुरू होगी या सैन्य अभियान दोबारा शुरू किया जाएगा, तो उन्होंने संकेत दिया कि वाशिंगटन फिलहाल बातचीत को लेकर जल्दबाज़ी में नहीं है। हालिया सैन्य अभियानों ने ईरानी सरकार को बुरी तरह कमजोर कर दिया है। किसी भी अंतिम कूटनीतिक समाधान का दायरा पारंपरिक परमाणु समझौतों तक सीमित नहीं होगा, बल्कि इसमें उससे कहीं अधिक व्यापक मुद्दे शामिल होंगे।
हूतियों को ईरान का प्रॉक्सी बताने पर बघाई का पलटवार
दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने गुरुवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के उन आरोपों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि यमन के हूती विद्रोही तेहरान के प्रॉक्सी यानी प्रतिनिधि के तौर पर काम करते हैं। बघाई ने कहा कि हूती समूह स्वतंत्र रूप से काम करता है और किसी से आदेश नहीं लेता। एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने अमेरिका पर अपनी सैन्य मौजूदगी और वर्चस्ववादी नीतियों के जरिए क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यमन में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए बाहरी दखलंदाजी को खत्म करना जरूरी है। बघाई ने कहा,’मार्को रुबियो के झूठ तथ्यों की जगह नहीं ले सकते। अंसारुल्लाह यमन का एक स्वतंत्र गुट है, जो अपने फैसले खुद लेता है। वह किसी से आदेश नहीं लेता और किसी का प्रॉक्सी बनकर काम नहीं करता।’
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अमेरिका से सैन्य दखल खत्म करने की मांग
मध्य पूर्व में अमेरिकी नीति की आलोचना करते हुए बघाई ने वाशिंगटन से आग्रह किया कि अगर वह क्षेत्र में वास्तविक स्थिरता चाहता है, तो उसे अपनी सैन्य भागीदारी वापस लेनी चाहिए। क्षेत्र में अस्थिरता की जड़ें अमेरिकी सैन्य दखलंदाज़ी और वर्चस्ववादी नीतियों में हैं। अगर वाशिंगटन सचमुच शांति चाहता है, तो उसे एक आसान कदम उठाना होगा। हमारे क्षेत्र में अपनी नुकसानदेह और अस्थिरता पैदा करने वाली दखलंदाज़ी को खत्म करना होगा।


