Digital Platforms Penalized: इंडिया अब डिजिटल हो गया है, लेकिन डिजिटल होने के केवल अच्छे पहलू ही नहीं हैं, बल्कि इसके कुछ बुरे और खराब पहलू भी हो सकते हैं. कई डिजिटल प्लेटफॉर्म्स लोगों को धोखाधड़ी का शिकार भी बना लेते हैं. ऐसे ही कुछ डार्क पैटर्न वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को लेकर सरकार ने सख्ती दिखाई है और करीब 9 प्लेटफॉर्म्स पर जुर्माना लगाया है.
CCPA ने लगाया जुर्माना
दरअसल हाल ही में राज्यसभा में सरकार के द्वारा इसे लेकर जानकारी पेश की गई है. जिसमें बताया गया है कि केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने ग्राहकों को ऑनलाइन खरीदारी के दौरान गुमराह करने वाले तरीकों यानी ‘डार्क पैटर्न’ के इस्तेमाल पर 9 डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई की है. इनमें इंडिगो, जेप्टो, पर्स्ट क्राई, फिजिक्स वल्लाह और स्पाइसजेट का नाम भी शामिल है.
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किस कंपनी पर लगा कितना जुर्माना?
राज्यसभा में ये भी बताया गया है कि किस कंपनी पर किस डार्क पैटर्न के चलते कार्रवाई हुई और जुर्माना लगाया गया है:
- CCPA ने जेप्टो मार्केटप्लेस पर 7 लाख रुपये का जुर्माना लगाया. जांच में पाया गया कि प्लेटफॉर्म पर शुरुआत में सामान की कीमत कम दिखाई गई, लेकिन बाद में हैंडलिंग चार्ज और मेंबरशिप फीस जोड़ दी गई.
- CCPA ने फिजिक्स वल्लाह पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया. प्लेटफॉर्म पर ‘PW फाउंडेशन’ के लिए 10 रुपये का डोनेशन पहले से चुना हुआ था. इसके अलावा, लोगों को उस डोनेशन को बनाए रखने के लिए इमोशनल मैसेज भी दिखाया गया.
- CCPA को IndiGo के मोबाइल ऐप पर भी शिकायतें मिली थीं. एयरलाइन ग्राहकों को कोई सुविधा न लेने पर ‘नौ आई विल टेक रिस्क’ जैसा मैसेज दिखा रहा था.
- BookMyShow पर टिकट बुक करते समय उसकी सामाजिक पहल BookASmile के लिए 1 रुपये का योगदान पहले से चुना हुआ था. CCPA ने इसे बास्केट स्नीकिंग माना और कंपनी को ये ऑप्शन हटाने का निर्देश दिया.
- FirstCry पर CCPA ने 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया, इस कंपनी पर भी भ्रामक काउंटडाउन टाइमर और सब्सक्रिप्शन को दोबारा शुरू किया.
- PharmaEasy के ऊपर करीब 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है.
- McAfee के ऊपर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है.
- SpiceJet के ऊपर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है.
- Anuj Jindal पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है.
बता दें कि सरकार ने राज्यसभा में ये भी बताया कि जून 2025 में CCPA ने ई-कॉमर्स कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म का खुद ऑडिट करने की सलाह दी थी, ताकि वो डार्क पैटर्न की पहचान कर सकें. इसके बाद नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों से अब तक करीब 20 लाख रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है.
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