तमिलनाडु में डीएमके नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी और कुछ घंटों बाद रिहाई को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। तंजावुर में कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित प्रदर्शन के दौरान दिए गए कथित आपत्तिजनक बयान के मामले में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। हालांकि पूछताछ के बाद उन्हें स्टेशन बेल पर रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद उदयनिधि ने दावा किया कि उन्होंने वह बयान कभी दिया ही नहीं, जिसके आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।

उदयनिधि स्टालिन को मंगलवार सुबह चेन्नई स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया और तंजावुर के पास सेंगिपट्टी पुलिस स्टेशन ले जाया गया। वहां करीब एक घंटे तक वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की। मद्रास हाईकोर्ट में राज्य सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन के अनुसार पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें स्टेशन बेल पर रिहा कर दिया गया। गिरफ्तारी के करीब नौ घंटे बाद जब वह पुलिस स्टेशन से बाहर निकले तो डीएमके कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया।
क्या बोले उदयनिधि स्टालिन?
रिहाई के बाद उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि कावेरी मुद्दे पर किसानों के समर्थन में डीएमके के प्रदर्शन और उनके भाषण को किसानों का व्यापक समर्थन मिला। उनका आरोप है कि विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले सरकार इस मुद्दे पर होने वाली बहस से ध्यान हटाना चाहती थी। उन्होंने कहा कि उनके भाषण का संपादित वीडियो जारी कर यह झूठा दावा किया गया कि उन्होंने आपत्तिजनक टिप्पणी की है। उनके अनुसार इसी आधार पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा, “मैंने पुलिस का पूरा सहयोग किया, लेकिन जिन शब्दों को मैंने कभी कहा ही नहीं, उनके लिए मुझे गिरफ्तार किया गया।”
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गिरफ्तारी को लेकर सरकार पर क्या आरोप लगाए?
उदयनिधि ने कहा कि सरकार उन्हें चुप कराने और डराने की कोशिश कर रही है, लेकिन वह इससे डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह दिवंगत एम. करुणानिधि के पोते, मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के बेटे और द्रविड़ मुनेत्र कषगम के कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस तरह की कार्रवाई से पीछे हटने वाली नहीं है और वह कानूनी व राजनीतिक दोनों स्तरों पर इसका सामना करेंगे।
कावेरी मुद्दे पर क्या कहा?
उदयनिधि स्टालिन ने बताया कि तंजावुर में हुए प्रदर्शन में उन्होंने करीब 25 मिनट का भाषण दिया था। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने किसानों से किए गए चुनावी वादे पूरे नहीं किए। उन्होंने यह भी कहा कि कर्नाटक मेकेदातु बांध परियोजना को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है और वहां सर्वदलीय बैठक बुलाकर इस पर सहमति बनाई गई है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक ने तमिलनाडु को कावेरी नदी के हिस्से का पानी भी नहीं छोड़ा। उनका कहना है कि उनका पूरा भाषण किसानों के मुद्दों पर केंद्रित था, लेकिन उसे तोड़-मरोड़कर पेश किया गया।
मामले में आगे क्या हो सकता है?
पूछताछ के बाद फिलहाल उदयनिधि स्टालिन को स्टेशन बेल पर रिहा कर दिया गया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। दूसरी ओर डीएमके इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बता रही है। उदयनिधि की गिरफ्तारी और रिहाई के बाद राज्य की राजनीति में यह मामला अब और गर्माने के संकेत दे रहा है।

