स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में राजस्थान की बॉक्सर अरुंधति चौधरी ने भारत का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है। 70 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल मुकाबले में अरुंधति ने इंग्लैंड की मुक्केबाज को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। इससे पहले सेमीफाइनल में उन्होंने बेहद आक्रामक खेल दिखाते हुए यूके की मुक्केबाज रोसी एकेल्स को 4-0 के एकतरफा अंतर से मात दी थी।

कोटा में जश्न का माहौल, पिता का ओलंपिक का सपना
अरुंधति की इस स्वर्णिम सफलता के बाद उनके कोटा स्थित घर पर खुशी की लहर दौड़ गई है। जैसे ही परिवार को अरुंधति के गोल्ड जीतने की जानकारी हुई, पूरा परिवार खुशी से झूम उठा।
उनके पिता ने बेटी की जीत पर खुशी जताते हुए कहा कि परिवार का सबसे बड़ा सपना है कि अरुंधति अब ओलंपिक में भी स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन करे। उन्होंने कहा कि बेटी के गोल्ड जीतने पर उन्हें बेहद गर्व है।
ताइक्वांडो कोच ने निखारी थी शुरुआती प्रतिभा
सुरेश चौधरी के अनुसार, शुरुआती दौर में जब बॉक्सिंग का कोई प्रशिक्षक नहीं मिला, तो स्थानीय ताइक्वांडो कोच अशोक गौतम ने अरुंधति को शुरुआती प्रशिक्षण दिया था। परिवार का मानना है कि उसी मजबूत नींव के दम पर आज अरुंधति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।
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राष्ट्रीय से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पदकों की झड़ी
अरुंधति का करियर शानदार उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने वर्ष 2017 की जूनियर नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में ‘बेस्ट बॉक्सर’ के खिताब के साथ गोल्ड मेडल जीता था। इसके बाद उन्होंने 2021 की जूनियर यूथ वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप और 2022 के कॉमनवेल्थ गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीता था। इसके अलावा वह 2026 में वर्ल्ड कप बॉक्सिंग और एशियाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं।

