अमेरिका ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की मदद करने के आरोप में भारत, चीन, रूस और ईरान से जुड़े छह व्यक्तियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। यह जानकारी अमेरिकी विदेश विभाग की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में दी गई।
किन संस्थाओं को निशाना बनाया गया?
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, प्रतिबंधित संस्थाओं में वे इकाइयां शामिल हैं जो महान एअर का समर्थन करती हैं। अमेरिका का आरोप है कि यह एयरलाइन आईआरजीसी द्वारा हथियार, सैन्य कर्मियों और सैन्य उपकरणों के परिवहन के लिए इस्तेमाल की जाती है।
डाडेनेगर स्टार्टअप स्टूडियो पर क्या आरोप हैं?
कार्रवाई के तहत डाडेनेगर स्टार्टअप स्टूडियो को भी निशाना बनाया गया है। अमेरिका का आरोप है कि यह आईआरजीसी से जुड़ी एक फ्रंट कंपनी है, जो मध्य पूर्व में अमेरिकी और इजरायली सैन्य उपकरणों की लोकेशन जुटाकर ईरानी सैन्य गतिविधियों में मदद करती है।
अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से क्या अपील की?
अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेष रूप से महान एयर या किसी अन्य प्रतिबंधित ईरानी एयरलाइन के साथ कारोबार करने वाली कंपनियों और व्यक्तियों से अपील की है कि वे ऐसे संबंधों से जुड़े गंभीर जोखिमों को समझें। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि वह उन संस्थाओं और व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा, जो आईआरजीसी को ऐसे संसाधन, उपकरण या सूचनाएं उपलब्ध कराते हैं जिनका इस्तेमाल अमेरिकी कर्मियों, उसके सहयोगियों और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा पैदा करने में किया जाता है।
यह कार्रवाई किस आधार पर की गई?
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने यह कार्रवाई संशोधित कार्यकारी आदेश 13224 के तहत की है, जो आतंकवादी संगठनों, उनके समर्थकों और आतंकवादी गतिविधियों में सहायता करने वालों को निशाना बनाता है।
अमेरिका ने बताया कि महान एयर को वर्ष 2011 में भी आईआरजीसी-कुद्स फोर्स को वित्तीय, तकनीकी और अन्य सहायता देने के आरोप में प्रतिबंधित किया गया था। वहीं, आईआरजीसी को वर्ष 2007 और 2017 में भी विभिन्न अमेरिकी कार्यकारी आदेशों के तहत प्रतिबंधित संगठन घोषित किया जा चुका है।

