नेपाल के भारत-बिहार सीमा से लगे सुनसरी जिले में सांप्रदायिक हिंसा के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हो सके हैं। जिले के कई इलाकों में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन कर्फ्यू और निषेधाज्ञा लागू रही। जिला प्रशासन कार्यालय (डीएओ) ने सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक पाबंदियां जारी रखने का आदेश दिया है। हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हुई है, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग, जिनमें सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं, घायल हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि शांति बहाल करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।


प्रशासन के अनुसार, हरिनगर और देवांगंज ग्रामीण नगरपालिकाओं के पूरे क्षेत्र में प्रतिबंध लागू है। वहीं हरिनगर, भुटाहा, कप्तानगंज, घुस्की और देवांगंज के पांच बाजार क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाया गया है। प्रभावित इलाकों में रैली, प्रदर्शन, सार्वजनिक सभा, धरना और चार से अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी गई है। हालांकि यात्रियों की सुविधा के लिए सुनसरी से गुजरने वाले ईस्ट-वेस्ट हाईवे पर सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक कर्फ्यू में राहत दी गई, जिसके बाद दोपहर 3 बजे फिर से कर्फ्यू लागू कर दिया गया।
हिंसा की शुरुआत कैसे हुई?
जिला प्रशासन के मुताबिक, रविवार को कप्तानगंज इलाके में दो अलग-अलग धार्मिक समुदाय अपने-अपने कार्यक्रम आयोजित कर रहे थे। इसी दौरान लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और धार्मिक झंडे लगाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। पहले कहासुनी हुई और फिर मामला हिंसक झड़प में बदल गया। हालात बिगड़ने पर सुरक्षाबलों ने हस्तक्षेप किया। पुलिस के अनुसार, भीड़ को तितर-बितर करने के लिए की गई फायरिंग में एक व्यक्ति की मौत हो गई। एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं। घायलों में दो लोगों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।
तनाव कम करने के लिए प्रशासन क्या कर रहा है?
- मुख्य जिला अधिकारी ईश्वरी प्रसाद अर्याल ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और स्थानीय हितधारकों की बैठक बुलाई, जिसमें सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई और तनाव कम करने के उपायों पर चर्चा हुई।
- कार्यवाहक मुख्य जिला अधिकारी पोषण लामिछाने ने कहा कि प्रशासन की पाबंदियों के बावजूद जिले के कुछ हिस्सों में प्रदर्शन जारी हैं।
- उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के साथ लगातार बातचीत की जा रही है, ताकि जिले में शांति और सामान्य स्थिति बहाल की जा सके।
पड़ोसी जिले में भी क्यों बढ़ाई गई सख्ती?
सुनसरी में हुई हिंसा को देखते हुए पड़ोसी मोरंग जिले का प्रशासन भी सतर्क हो गया है। जिला प्रशासन कार्यालय ने पूरे जिले में धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों में डीजे बजाने पर रोक लगा दी है। प्रशासन का कहना है कि संवेदनशील स्थिति को देखते हुए यह फैसला एहतियात के तौर पर लिया गया है। सुनसरी जिला भारत के बिहार से सटा नेपाल का महत्वपूर्ण व्यापारिक और आवागमन का मार्ग माना जाता है। ऐसे में प्रशासन किसी भी नई अप्रिय घटना को रोकने के लिए लगातार निगरानी बनाए हुए है।
