एक सफेद खुशबुदार पाउडर पिछले कई दशकों से दुनिया भर के घरों में शिशुओं की नाजुक त्वचा की देखभाल और सुरक्षा का सबसे भरोसेमंद प्रतीक रहा है। लेकिन इसे बनाने वाली कंपनी एक दिन दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे लंबी अदालती लड़ाइयों में से एक के केंद्र में आ गई । अब इस मामले को निपटाने के लिए उसे एक भारी-भरकम समझौता करना पड़ा है। कंपनी के उत्पादों पर गर्भाशय कैंसर होने के गंभीर आरोप लगे थे। आखिरकार, एक दशक से अधिक समय से चल रहे इस विवाद को खत्म करने के लिए कंपनी ने 5.5 अरब डॉलर के एक बड़े समझौते की घोषणा की है। हम बात कर रहे हैं वैश्विक फार्मा और एफएमसीजी मार्केट की दिग्गज कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन की।
न्यूयॉर्क में सोमवार को घोषित हुए इस भारी-भरकम समझौते ने पूरे वैश्विक कॉरपोरेट जगत का ध्यान खींचा है। आसान बोलचाल की भाषा में इस पूरे मामले के हर पहलू को सिलसिलेवार ढंग से समझते हैं कि आखिर यह पूरा विवाद क्या था और इस ऐतिहासिक समझौते के मायने क्या हैं।


