लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

Cjp Protest:सीजेपी की इस मांग पर मनोचिकित्सक की जरूरी सलाह, अनजाने में भी न हो आत्महत्या का महिमामंडन – Cjp Protests Jantar Mantar Avoid Language That May Unintentionally Glorify Suicides

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

आंदोलन की भाषा को लेकर सवाल

इस प्रदर्शन को लेकर दूसरा मुद्दा आंदोलनकारियों द्वारा प्रयोग में लाई गई भाषा की है।

कॉलमिस्ट  विनोद पाठक कहते हैं, जेन जी ने जिस भाषा का प्रयोग अपना विरोध प्रकट करने के लिए किया और जिस तरह से अभद्रता वाले वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, वह संस्कारी भाषा के पैरोकारों को गहरी चोट पहुंचाने वाला है। सवाल पूछा जा रहा है कि क्या यही युवा पीढ़ी है, जिसे देश को आगे ले जाना है, क्या वह इसी भाषा, अभिव्यक्ति, तेवर, वेशभूषा और संस्कारों के साथ आगे जाएगी? 

विनोद पाठक कहते हैं, विरोध, प्रदर्शन और नारे लोकतंत्र की स्वाभाविक अभिव्यक्तियां हैं, लेकिन इन सबके बीच संवाद की मर्यादा और भाषा का संयम भी उतना ही आवश्यक है। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में जिस प्रकार की अभद्र, अश्लील और आक्रामक भाषा सुनाई दी, उसने केवल एक आंदोलन की शैली पर ही नहीं, अपितु हमारे सार्वजनिक विमर्श की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं।

किसी भी घटना का मूल्यांकन कुछ वीडियो के आधार पर पूरे समाज पर आरोप लगाकर नहीं किया जा सकता, फिर भी यह स्वीकार करना होगा कि सार्वजनिक जीवन में भाषा का स्तर लगातार गिर रहा है। चिंता केवल इस बात की नहीं है कि गालियां दी गईं, बल्कि इस बात की है कि उन्हें विरोध की वैध भाषा के रूप में प्रस्तुत किया जाने लगा है।

विरोध तब अधिक प्रभावी होता है, जब वह तथ्यों, तर्कों और नैतिक बल पर आधारित हो। यदि संवाद का स्थान अपमान, गाली और व्यक्तिगत आक्षेप ले लें, तो अंततः लोकतांत्रिक संस्कृति ही कमजोर होती है। इस समस्या का समाधान केवल कानूनों से नहीं निकलेगा।

विरोध की भाषा भी लोकतांत्रिक होनी चाहिए।

 

इस मुद्दे को लेकर मनोचिकित्सक डॉ सत्यकांत त्रिवेदी कहते हैं, यदि किसी आंदोलन में कुछ प्रतिभागी चाहे वे पुरुष हों या महिलाएं संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के लिए अश्लील गालियों का प्रयोग करते हैं, तो यह केवल राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि भीड़ के मनोविज्ञान का भी विषय है।

भीड़ में व्यक्ति अक्सर अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी कम महसूस करता है। तीव्र क्रोध, समूह की स्वीकृति पाने की इच्छा, सोशल मीडिया पर ध्यान आकर्षित करने की प्रवृत्ति और भावनात्मक आवेग, भाषा को अधिक आक्रामक बना सकते हैं। ऐसे माहौल में लोग वह भी बोल जाते हैं, जिसे वे सामान्य परिस्थितियों में शायद कभी न कहें। यह व्यवहार किसी एक लिंग का गुण नहीं है। यदि लड़कियां भी अश्लील भाषा का प्रयोग करती हैं, तो उसके पीछे वही मनोवैज्ञानिक प्रक्रियाएं काम करती हैं जो पुरुषों में होती हैं,भावनात्मक उफान, समूह का प्रभाव, आवेग नियंत्रण में कमी और विरोध को अधिक तीव्र दिखाने की कोशिश।

किसी भी आंदोलन की नैतिक शक्ति उसके तर्क, संयम और गरिमा से बढ़ती है, न कि अपमानजनक भाषा से। जब असहमति की जगह गालियां ले लेती हैं, तो संवाद कमजोर पड़ता है और मूल मुद्दा भी पीछे छूट सकता है।

————–

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

यूजीसी-नेट 2026:फाइनल आंसर-की जारी, अंग्रेजी-कॉमर्स-सोशियोलॉजी के अभ्यर्थी ऐसे करें चेक – Ugc Net June 2026 Final Answer Key English Commerce Sociology

तीन राज्यों में अलर्ट:जम्मू से हटे तो अगला ठौर खोज रहे रोहिंग्या, अब दूसरे राज्यों में बसने की फिराक में – Rohingyas Leaving Jammu Are Searching For Their Next Destination

आज का राशिफल:इन 4 राशि वालों को मिलेगी खुशखबरी, मनचाही नौकरी का आ सकता है प्रस्ताव – Today Prediction Horoscope Of 18 September 2026 Aaj Ka Rashifal Mesh Kark Singh Kanya Kumbh Makar

आज का शब्द:खड्ग और विमल राजस्थानी की कविता- धरती को स्वर्ग बना मानव ! – Aaj Ka Shabd Khadg Vimal Rajsthani Ki Kavita Dharti Ko Swarg Bana Manav

पीएम मोदी का 76वां जन्मदिन:शुभकामनाओं के लिए जताया आभार, कहा- लोगों का प्रेम देता है सेवा की नई ऊर्जा – Pm Modi Thanks People For Birthday Wishes, Says Their Affection Gives Him New Energy

डिजिटल अरेस्ट का खौफ दिखाकर ₹1.12 करोड़ ठगे:आईआईटी ग्रेजुएट और बैंक मैनेजर समेत छह गिरफ्तार, क्या है मामला? – Mumbai Digital Arrest Fraud Rs 1-12 Crore Six Arrested

Leave a Comment