ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई अपने पिता अली खामेनेई से कहीं ज्यादा आक्रामक हैं। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने दावा किया है कि मोजतबा परमाणु हथियार बनाने के ज्यादा पक्षधर हैं। ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध से पहले टैप की गई बातचीत के विश्लेषण से यह बात सामने आई है।

28 फरवरी को अमेरिकी और इस्राइली हवाई हमलों में अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद मोजतबा ने सत्ता संभाली। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका का मानना है कि ईरान में परमाणु हथियार बनाने के समर्थक गुट अब काफी मजबूत हो चुके हैं। इनका तर्क है कि भविष्य के सैन्य हमलों से बचने के लिए परमाणु क्षमता बेहद जरूरी है।
क्या अंडरग्राउंड सुरंगों में बन रहा है एटम बम?
‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस्राइल खुफिया एजेंसी का दावा है कि ईरान ने हजारों सेंट्रीफ्यूज को एक बेहद सुरक्षित जगह पर ट्रांसफर कर दिया है। यह जगह नतांज के पास ‘पिकैक्स माउंटेन’ नाम की गहरी भूमिगत गुफा में स्थित है।
हवाई हमलों से सुरक्षित: यह फैसिलिटी जमीन के काफी नीचे बनी है, जिससे इस पर बमबारी का असर नहीं होगा।
आईएईए को नहीं दी एंट्री: ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के निरीक्षकों को यहां जाने से रोक दिया है।
2021 से चल रही थी तैयारी: आईएईए के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने बताया था कि ईरान ने 2021 में ही इस जगह पर परमाणु गतिविधियां शुरू करने के संकेत दिए थे।
स्पेशल फोर्सेस से सुरक्षा: ईरानी कमांडरों का मानना है कि यह जगह अमेरिकी हवाई हमलों से पूरी तरह सुरक्षित है और जमीनी हमलों को रोकने के लिए भी कड़े इंतजाम किए गए हैं।
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आखिर ईरान के पास कितना परमाणु मसाला मौजूद है?
आईएईए के आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा जंग छिड़ने से पहले ही ईरान ने 440 किलोग्राम से अधिक 60 प्रतिशत संवर्धित यूरेनियम जुटा लिया था। यह स्तर हथियार बनाने के लिए आवश्यक 90 प्रतिशत शुद्धता के बेहद करीब है। थोड़े से और प्रोसेसिंग के बाद इससे कई परमाणु वॉरहेड बनाए जा सकते हैं।
वर्ष 2025 में अमेरिकी सेना ने फोर्डो, इशफहान और नतांज में ईरान के मुख्य परमाणु ठिकानों पर हमले किए थे। हालांकि ईरान हमेशा कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम सिर्फ शांतिपूर्ण कार्यों के लिए है। 22 जुलाई को ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बघाई ने कहा कि ईरान की सभी परमाणु गतिविधियां आईएईए के नियमों के तहत घोषित हैं।
मामले से जुड़ी पांच बड़ी बातें
- मोजतबा के सख्त तेवर: नए ईरानी नेता मोजतबा खामेनेई परमाणु हथियार बनाने के लिए अपने पिता से ज्यादा उत्सुक हैं।
- अंडरग्राउंड नया ठिकाना: नतांज के पिकैक्स माउंटेन में हजारों सेंट्रीफ्यूज छिपाए गए हैं, जहां किसी हमले का असर नहीं होगा।
- हथियार के बेहद करीब यूरेनियम: ईरान के पास 440 किलो से ज्यादा 60% एनरिच्ड यूरेनियम है, जिससे कई परमाणु बम बन सकते हैं।
- निरीक्षकों पर पाबंदी: ईरान ने IAEA के अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों को अपनी नई सीक्रेट साइट पर जाने से रोक दिया है।
- क्षेत्र में बढ़ता तनाव: जून का कूटनीतिक समझौता टूटने के बाद अमेरिका के हवाई हमले और ईरान के मिसाइल दागे जाने से तनाव चरम पर है।

