छात्र आंदोलन के दबाव के बीच देश के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पद से इस्तीफे की खबर आते ही कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के परिवार ने राहत की सांस ली है। बीते छह जून के बाद पहली बार अभिजीत के परिजनों ने खुशी जताई है। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर निवासी अभिजीत के माता-पिता ने शनिवार को मीडिया से कहा कि यह देश भर के लाखों छात्रों के लंबे संघर्ष और एकजुटता की जीत है।
अभिजीत की मां अनीता दीपके के अनुसार, बीते ढाई महीने से छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने बताया कि इस आंदोलन के दौरान उनके बेटे को काफी संघर्ष करना पड़ा। उस पर हमले हुए और उसे बदनाम करने की कोशिशें भी की गईं, लेकिन उसने बेहद धैर्य के साथ इस लड़ाई की अगुवाई की।
महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम से सिविल इंजीनियर के पद से सेवानिवृत्त हुए अभिजीत के पिता भगवान शंकर दीपके ने शनिवार सुबह स्थानीय मंदिर में जाकर प्रार्थना की। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके परिवार का राजनीति से कभी कोई संबंध नहीं रहा है और न ही परिवार का कोई सदस्य कभी किसी राजनीतिक पद पर रहा है।
भगवान शंकर ने बताया कि वे अपने बेटे को सिविल सर्विसेज में देखना चाहते थे। उनका सपना था कि अभिजीत यूपीएससी की परीक्षा पास करे ताकि उसका भविष्य सुरक्षित हो सके। उन्होंने बताया कि जब देश भर में विरोध प्रदर्शन तेज हुए, तब अभिजीत ने परिजनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें दिल्ली आने से मना कर दिया था। परिजनों ने यह भी कहा कि अगर शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं आता, तो वे खुद भी अनशन पर बैठने की तैयारी कर रहे थे। सुरक्षा के लिहाज से फिलहाल दीपके परिवार के आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है।
दीपके परिवार में शिक्षा को शुरू से ही प्राथमिक स्थान दिया गया है। छत्रपति संभाजीनगर के सरस्वती भुवन कॉलेज से शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद अभिजीत ने पुणे के सिंहगढ़ इंस्टीट्यूट में इंजीनियरिंग में दाखिला लिया था। हालांकि, बाद में उसने पत्रकारिता के क्षेत्र में जाने का फैसला किया और पुणे के तिलक महाराष्ट्र विद्यापीठ से वर्ष 2021 में अपनी डिग्री पूरी की।
इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए अभिजीत ने अमेरिका स्थित बोस्टन यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ कम्युनिकेशन से जनसंपर्क (पब्लिक रिलेशंस) में मास्टर डिग्री हासिल की। इस दौरान उसने सोशल मीडिया प्रबंधन का कार्य भी सीखा।
इसी साल मई में पढ़ाई पूरी करने के दौरान नीट परीक्षा के पेपर लीक का मामला सामने आया। इसके विरोध में और एक न्यायिक टिप्पणी के संदर्भ को जोड़ते हुए अभिजीत ने व्यंग्य के रूप में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नामक मंच का गठन किया।
देखते ही देखते यह पहल एक बड़े छात्र आंदोलन में बदल गई। दिल्ली सहित देश के प्रमुख शहरों में नीट परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक के विरोध में हजारों छात्र सड़कों पर उतर आए और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करने लगे। लगभग दो महीने तक चले इस देशव्यापी आंदोलन के बाद आखिरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है।
