लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

दिल्ली में छात्रों पर दागी गई पैलेट गन?:अंतरराष्ट्रीय समझौतों के तहत है प्रतिबंधित, 90 के दशक में हुई थी खरीद – Delhi Protest Pellet Gun Row: Weapon Banned Under International Treaties, Procured In The 1990s

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर दागी गई पैलेट गन को लेकर छात्रों और विपक्षी दलों में गहरा रोष व्याप्त है। पैलेट गन के इस्तेमाल से कई छात्रों को चोट लगी है। शुक्रवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पैलेट गन को लेकर सरकार पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने एक प्रदर्शनकारी को मीडिया के सामने पेश किया, जिसे पैलेट गन के छर्रे लगे हुए थे। दिल्ली पुलिस ने पैलेट गन के इस्तेमाल से इनकार किया है। पैलेट गन का इस्तेमाल सीआरपीएफ की दंगारोधी इकाई आरएएफ द्वारा किया गया था। अंतरराष्ट्रीय समझौतों में ये हथियार प्रतिबंधित है। 1992 में आरएएफ की स्थापना के बाद इस्राइल और बेल्जियम से पैलेट गन खरीदी गई थी।  

अब डीआरडीओ के तहत बनती हैं पैलेट गन 

प्रारंभ में विदेशों से आयात करने के बाद पैलेट गन का निर्माण डीआरडीओ की मदद से देश में ही शुरू किया गया था। इस्राइल और बेल्जियम से जब पैलेट गन खरीदी गई, तब इसकी कीमत लगभग तीन लाख रुपये थी। एक मल्टी बैरल लांचर में छह से आठ शेल डलते हैं। एक शेल से 30 छर्रे निकलते हैं। यानी कुछ ही देर में इन शेल की मदद से 180 से ज्यादा छर्रे दागे जा सकते हैं। सीआरपीएफ के रिटायर्ड एडीजी एसएस संधू, जो आरएएफ में पांच वर्ष तक डीआईजी और बतौर कार्यवाहक आईजी तैनात रहे हैं, ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय संधियों/समझौतों में पैलेट गन पर प्रतिबंध है। प्रारंभ में एक शेल दागने वाली गन बनाई गई। 2011 में इसे छह बैरल तक बढ़ा दिया गया। 

लाइबेरिया और मालदीव में भेजी गई थी ये गन 

पूर्व एडीजी संधू ने बताया कि आरएएफ ने 2012 में डीआरडीओ के तहत निर्मित ये गन लाइबेरिया और मालदीव में भेजी थी। वहां भेजे गए दंगारोधी उपकरणों की सूची में पैलेट गन भी शामिल की गई। सीआरपीएफ ने इन देशों के लिए पैलेट गन के अलावा वाटर कैनन और दूसरे उपकरण भी खरीदे थे। दिल्ली में हुए किसान आंदोलन और 2016 के दौरान कश्मीर में पत्थराबाजी की घटनाओं में इसका इस्तेमाल किया गया था। हालांकि कश्मीर में इसका ज्यादा इस्तेमाल नहीं हुआ। वजह, पैलेट को लेकर कोर्ट में केस कर दिया गया। 23 यार्ड से अगर पैलेट का फायर किया जाता है तो वह खतरनाक हो सकता है। छाती में या चेहर पर लगता है तो पीड़ित के लिए जान का जोखिम हो सकता है। आंखों की रोशनी जा सकती है। आरएएफ की 15 बटालियन हैं। एक बटालियन में लगभग सौ पैलेट गन होती हैं। 

आरएएफ की एक बटालियन में आठ ‘सीओ’ 

आरएएफ की अहम भूमिका का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि विभिन्न राज्यों में ‘डीएम’ को यह अधिकार दिया गया है कि वह किसी भी आपात स्थिति में बिना केंद्र की मंजूरी के तीन दिन के लिए आरएएफ की तैनाती का आदेश जारी कर सकता है। इसकी एक बटालियन में 1300 से अधिक जवान होते हैं। आरएएफ में अन्य बलों या उनकी इकाइयों के मुकाबले, अफसरों की संख्या ज्यादा रहती है। सीआरपीएफ की अन्य बटालियन में जहां तीन कमांडिंग अफसर ‘सीओ’ होते हैं, वहीं आरएएफ में आठ ‘सीओ’ रहते हैं। यह बल संवेदनशील विषयों पर नियमित वर्कशॉप करता है। दंगा या उपद्रव वाले संभावित स्थानों पर विशेष अभ्यास किया जाता है। इसके जवान, वरुण वाटर गन, रॉयट ड्रिल, रॉयट गीयर व दूसरे उपकरणों से लैस रहते हैं। इस बल में सब इंस्पेक्टर भी अन्य बलों के मुकाबले तीन गुणा ज्यादा होते हैं। देश में यह एक अलग फोर्स है, इसका अलग कलर है। आरएएफ का अपना झंडा होता है।

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Delhi Police Constable:दिल्ली पुलिस कांस्टेबल का फिजिकल स्थगित, एडमिट कार्ड भी रद्द; क्यों लिया गया ये फैसला? – Delhi Police Constable Pe&mt 2025 Postponed: Physical Test Deferred, Fresh Admit Cards To Be Issued Soon

असम में बाढ़ से 50 लोगों की मौत:40 लोग अब भी लापता, ऊपरी असम में हालात गंभीर, हजारों घरों में बिजली गुल – 50 Dead In Assam Floods: 40 Still Missing, Situation Critical In Upper Assam

‘भारत की वजह से नहीं आई बाढ़’:पाकिस्तान के आरोपों को Mea ने बताया झूठ, चीन को भी सुनाई खरी-खरी – India Mea Randhir Jaiswal Statement Pakistan Floods China Occupation Indus Water Treaty

Cjp Protest Live:सीजेपी ने बैठक में रखी तीन शर्तें, दिल्ली मेट्रो के 15 स्टेशन अभी भी बंद; पढ़ें अपडेट – Cjp Protest Today Live Updates Government To Hold Talks Delhi Metro Shuts 17 Stations Neet Paper Leak

Exclusive:’बेटे का नाम बिमल राय क्यों रखा?’; ‘omg 2’ निर्देशक अमित राय बोले- ‘उनकी फिल्मों ने मेरी सोच बदली’ – Amit Rai Exclusive Interview: Omg 2 Director Talks About Cinema And Bimal Roy Movies Impact On His Life

Ed:नारको-टेरर फंडिंग नेटवर्क, ‘हिजबुल मुजाहिदीन’ के हैंडलर ट्रक के टायर में छिपाकर करते थे ड्रग्स तस्करी – Jammu Kashmir Narco Terror Funding Network Exposed In Ed Investigation

Leave a Comment