लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

Us-iran War:चार माह 22 दिन बाद 34 मासूमों का अंतिम संस्कार; गमगीन मंजर पर फूट-फूटकर रोया ईरान – 34 Children Among 68 Innocents Killed In Iran-us Attack Have Been Buried

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष के पहले दिन, 28 फरवरी को ईरान के मिनाब शहर स्थित शजरे तैय्यबा प्राथमिक विद्यालय पर बमबारी की गई थी। इस हमले में 68 स्कूली बच्चियों के शरीर क्षत-विक्षत अवस्था में मिले थे। इनमें से केवल 34 बच्चों की ही पहचान हो सकी। 22 जुलाई को जब इन मासूमों के ताबूत अंतिम संस्कार के लिए निकाले गए तो पूरा मिनाब शहर गम में डूब गया। हर ओर मातम, आंसू और सन्नाटा पसरा था।

 

आखिर बच्चों की पहचान में चार महीने से ज्यादा समय क्यों लगा?

हमले के बाद बचाव दलों को मलबे से बच्चों के शरीरों के केवल टुकड़े ही मिले थे। इनकी पहचान करना बेहद मुश्किल था। महीनों तक चले जटिल डीएनए परीक्षण के बाद करीब चार माह 22 दिन में 34 बच्चों की पहचान संभव हो सकी। इसके बाद ही उनके परिजनों को अंतिम संस्कार की अनुमति दी गई।

इस हमले की दुनिया भर में इतनी तीखी निंदा क्यों हुई?

स्कूल पर हुए इस हमले ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया था। कई देशों और मानवाधिकार संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की। जगह-जगह लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किए और निर्दोष बच्चों पर हुए इस हमले को अमानवीय करार दिया।

कैसे दी गई मासूमों को अंतिम विदाई?

पहचान पूरी होने के बाद 22 जुलाई को बच्चों के ताबूत राष्ट्रीय झंडे में लपेटकर शहर की सड़कों से अंतिम यात्रा निकाली गई। हजारों लोग नम आंखों से इस यात्रा में शामिल हुए। इसके बाद मिनाब के शहीदों के कब्रिस्तान में पूरे सम्मान के साथ इन मासूमों को दफनाया गया।

ये भी पढ़ें: ‘ईरान पर होगा सबसे बड़ा हमला’: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की खुली चेतावनी, क्या फिर शुरु होगा विनाशकारी युद्ध?

‘नो सरेंडर’ के नारों से गूंजा ईरान

मंगलवार को ईरान के सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित तस्वीरों में मिनाब के एक सार्वजनिक चौक पर हजारों लोगों की भारी भीड़ दिखाई दी। पुरुष इस्लामी गणराज्य ईरान के झंडे लहरा रहे थे, जबकि काले चादर (चादोर) ओढ़े महिलाएं अलग समूह में मौजूद थीं। मंच से खुद को मृत बच्ची ‘अतेना’ की मां बताने वाली एक महिला ने बच्चों की तस्वीरों वाला पोस्टर उठाते हुए उसे ‘अमेरिकी अपराधों का दस्तावेज’ बताया। उन्होंने भावुक स्वर में कहा, ‘मेरे बच्चे ईश्वर के मार्ग में शहीद हुए हैं।’ इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने अमेरिका और इजरायल की नीतियों के खिलाफ जोरदार नारे लगाए और ‘नो सरेंडर’ (हम आत्मसमर्पण नहीं करेंगे) के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

नेपाल मांगेगा ‘क्लाइमेट जस्टिस’:पीएम बालेन शाह को यूएन जाने की मिली कैबिनेट मंजूरी, जानें कितनों की हुई मौत – Nepal To Seek ‘climate Justice’: Pm Balen Shah Gets Cabinet Approval To Visit The Un; Find Out The Death Toll.

यूपी:आयुर्वेद इंटर्न छात्रों का प्रदर्शन, बोले- मेहनत बराबर तो स्टाइपेंड कम क्यों; पोस्टरों में जेन-जी अंदाज – Up Ayurveda Interns Protest Stipend Despite Equal Hard Work Posters Feature Gen-z S

Haiwaan Movie Review And Rating Akshay Kumar Vs Saif Ali Khan In Priyadarshan Film – Entertainment News: Amar Ujala

पुतिन आए तो निवेश पर बढ़ी बात:सीतारमण-मंटुरोव की बैठक में बनी सहमति; भारत-रूस के बीच होने वाली है बड़ी डील? – India Russia Bilateral Investment Treaty Sitharaman Manturov Meeting

एक्सप्लेनर:रूस ने सबसे पहले भारत के सामने क्यों रखा ब्रिक्स का विचार, कैसे 11 साल बाद गठबंधन हो पाया साकार? – How Brics Formed Russia Role Primakov Jim O Neill Bric Summit History India China Brazil Explainer

ब्रिक्स बिजनेस फोरम:जयशंकर बोले- बढ़ेगी आर्थिक गतिविधि तो मजबूत होगी आत्मनिर्भरता, और क्या-क्या कहा? – S Jaishankar Brics Business Forum Global Economic Order Self Reliance

Leave a Comment