भारत और रोमानिया ने गुरुवार को आर्थिक सहयोग को अपनी द्विपक्षीय साझेदारी का अहम स्तंभ बताते हुए अगले तीन वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया। साथ ही दोनों देशों ने फार्मास्यूटिकल्स, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी समेत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। यह घोषणा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की रोमानिया यात्रा के दौरान हुई, जो पिछले तीन दशकों में किसी भारतीय राष्ट्रपति की पहली आधिकारिक यात्रा है।
क्या कहा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, खेल और संस्कृति से जुड़े तीन समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और रोमानिया के बीच सात दशकों से अधिक पुरानी मित्रता आपसी विश्वास, सम्मान और मजबूत जन-से-जन संबंधों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि समय के साथ यह साझेदारी लगातार मजबूत हुई है और अब यह अधिक महत्वाकांक्षी लक्ष्यों, गहरे सहयोग और साझा भविष्य की नई दिशा में आगे बढ़ रही है।
आर्थिक सहयोग को लेकर क्या बनी सहमति?
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि आर्थिक सहयोग दोनों देशों की साझेदारी का महत्वपूर्ण आधार है। दोनों देश व्यापार और निवेश को बढ़ावा देंगे, आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) को मजबूत करेंगे और दोनों देशों के उद्योगों के बीच घनिष्ठ सहयोग को प्रोत्साहित करेंगे। उन्होंने बताया कि अगले तीन वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया गया है।
किन-किन क्षेत्रों में बढ़ेगा सहयोग?
राष्ट्रपति ने बताया कि भारत और रोमानिया ने विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग), दवा उद्योग, स्वास्थ्य, नवीकरणीय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, कृषि उत्पादन, उर्वरक, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसे क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करने पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं की पूरक क्षमताओं का लाभ उठाकर इस सहयोग को आगे बढ़ाया जाएगा।
रक्षा क्षेत्र में क्या हुआ फैसला?
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि रक्षा सहयोग भी भारत-रोमानिया संबंधों का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। दोनों देशों ने नियमित आदान-प्रदान, प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाकर इस साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की है।
आईटीईसी और एआई प्रशिक्षण को लेकर क्या घोषणा हुई?
उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने रोमानिया के लिए भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण अवसरों की संख्या दोगुनी करने का निर्णय लिया है। इनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़े पाठ्यक्रम भी शामिल होंगे। इसके अलावा भारतीय विदेश सेवा संस्थान ने रोमानियाई राजनयिकों को आगामी पेशेवर प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया है, जिसमें एआई और साइबर कूटनीति पर विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर किस सहयोग पर बनी सहमति?
राष्ट्रपति मुर्मु ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) के तहत जारी सहयोग का स्वागत किया। उन्होंने यह भी कहा कि रोमानिया ने आपदा-रोधी अवसंरचना गठबंधन (सीडीआरआई) और ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस से जुड़ने की इच्छा जताई है, जिसका भारत ने स्वागत किया है।
2028 को लेकर क्या खास घोषणा हुई?
राष्ट्रपति मुर्मु ने बताया कि वर्ष 2028 में भारत और रोमानिया के बीच राजनयिक संबंधों के 80 वर्ष पूरे होंगे। इस अवसर को दोनों देशों ने ‘भारत-रोमानिया नवाचार वर्ष’के रूप में मनाने पर सहमति जताई है।
वैश्विक मुद्दों पर क्या चर्चा हुई?
दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया। उन्होंने शांति, संवाद और अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई ताकि वैश्विक चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।
राष्ट्रपति मुर्मु ने रोमानिया को क्या संदेश दिया?
राष्ट्रपति मुर्मु ने रोमानिया सरकार और वहां के लोगों द्वारा मिले गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही रोमानिया के राष्ट्रपति निकुशोर दान का नई दिल्ली में स्वागत करने की उम्मीद करती हैं।
विदेश मंत्रालय ने क्या जानकारी दी?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और रोमानिया के राष्ट्रपति निकुशोर दान के बीच सार्थक और व्यापक बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा की और साझा हितों के क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।
राष्ट्रपति मुर्मु का स्वागत कैसे किया गया?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का बुखारेस्ट स्थित कोट्रोचेनी पैलेस में औपचारिक स्वागत किया गया। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी प्रदान किया गया। इसी अवसर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, खेल तथा बुखारेस्ट विश्वविद्यालय में भारतीय अध्ययन पीठ (चेयर ऑफ इंडियन स्टडीज़) की स्थापना से जुड़े तीन एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
रोमानिया के राष्ट्रपति ने क्या कहा?
रोमानिया के राष्ट्रपति निकुशोर दान ने राष्ट्रपति मुर्मु की यात्रा को “ऐतिहासिक” बताया। उन्होंने कहा कि भारत और रोमानिया के बीच लंबे समय से मजबूत संबंध रहे हैं और अब विशेष रूप से आर्थिक क्षेत्र में सहयोग की नई संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि भारत का निवेश लगातार रोमानिया में बढ़ रहा है और दोनों देशों ने निवेश को और गति देने के साथ-साथ भारत और रोमानिया के बीच सीधी उड़ानें शुरू करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की।
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यात्रा को लेकर रोमानिया के राष्ट्रपति ने क्या उम्मीद जताई?
अपने संबोधन के अंत में राष्ट्रपति निकुशोर दान ने राष्ट्रपति मुर्मु का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों में एक नई शुरुआत साबित होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में व्यक्तिगत स्तर पर और दोनों देशों के बीच सहयोग और अधिक मजबूत होगा।

