Vastu Tips: सनातन धर्म में पूजा-पाठ को बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण माना गया है और कोई भी पूजा बिना दीपक जलाए कभी भी पूरी नहीं मानी जाती है. मान्यताओं के अनुसार, जब आप घर पर दीया जलाते हैं तो उससे नेगेटिव एनर्जी दूर होती है और पॉजिटिव एनर्जी बढ़ने लग जाती है. अगर आप भी पूजा-पाठ करते समय मंदिर में दीया जलाते हैं, तो आज का यह आर्टिकल आपके काम का है. वास्तु शास्त्र के अनुसार दीया जलाने का भी एक सही तरीका होता है. अगर हम पूजा करते समय दीपक से जुड़ी कुछ छोटी-छोटी गलतियों पर ध्यान न दें, तो इससे वास्तु दोष लग सकता है और घर में परेशानियां आ सकती हैं. तो चलिए जानते हैं दीया या फिर दीपक जलाते समय ध्यान में रखने लायक 5 सबसे जरूरी बातें, ताकि आपकी पूजा पूरी तरह से सफल हो सके.

गलत दिशा में भूलकर भी न रखें दीपक
वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर आप पूजा कर रहे हैं तो दीपक को सही दिशा में रखना सबसे ज्यादा जरूरी माना जाता है. मान्यताओं के अनुसार, दीपक की लौ यानी कि इसकी ज्योति को हमेशा ही पूर्व या फिर उत्तर दिशा की तरफ करके रखना चाहिए. जब आप इसे पूर्व दिशा में करके रखते हैं तो आपको आरोग्य और लंबी उम्र का आशीर्वाद मिलता है, जबकि उत्तर दिशा की तरफ लौ रखने से घर में धन और समृद्धि आने लगती है. दीपक को गलती से भी दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके न रखें. ऐसा माना जाता है कि दक्षिण दिशा यमराज और पितरों की दिशा होती है, इसलिए इस दिशा में दीपक जलाने से पैसों का नुकसान हो सकता है.
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खंडित या टूटे हुए दीपक का इस्तेमाल न करें
आपको हमेशा इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि पूजा में इस्तेमाल होने वाला दीपक कहीं से भी चटका हुआ या फिर टूटा हुआ नहीं होना चाहिए. किसी भी पूजा कार्य में खंडित यानी कि टूटी हुई चीजों का इस्तेमाल करना बहुत ही ज्यादा अशुभ माना जाता है. अगर आप ऐसा करते हैं तो आपको पूजा का फल नहीं मिलता है और साथ ही घर में वास्तु दोष भी पैदा होता है. अगर मिट्टी का दीपक थोड़ा सा भी टूट जाए, तो उसे तुरंत बदल देना चाहिए. वहीं, अगर आप पीतल या फिर मेटल के दीपक का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो इस बात पर ध्यान जरूर दें कि वह पूरी तरह से साफ और सही कंडीशन में हो.

तेल और घी के अनुसार सही बाती का चुनाव जरूरी
वास्तु के अनुसार, दीपक जलाते समय सही बाती का चुनाव करना भी आपके लिए उतना ही जरूरी हो जाता है. अक्सर लोग यह गलती करते हैं कि किसी भी तरह के दीपक में कोई भी बाती इस्तेमाल कर लेते हैं. यह पूरी तरह से गलत है, क्योंकि नियमों के मुताबिक अगर आप देसी घी का दीपक जला रहे हैं, तो हमेशा रुई की गोल बाती का इस्तेमाल करना चाहिए. लेकिन अगर आप तिल या फिर सरसों के तेल से दीपक जला रहे हैं, तो लंबी वाली बाती का इस्तेमाल करना सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है. जब आप सही बाती का इस्तेमाल करते हैं, तो आप पर भगवान की कृपा बनी रहती है.
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दीपक बुझाने का गलत तरीका न अपनाएं
आपको शायद यह जानकर हैरानी हो, लेकिन पूजा खत्म होने के बाद या फिर दीपक जलने के दौरान अगर आप उसे बुझा रहे हैं, तो उसका तरीका भी हमेशा सही होना चाहिए. आपको कभी भी दीपक को फूंक मारकर नहीं बुझाना चाहिए. अगर आप फूंक मारकर दीपक को बुझाते हैं, तो इसे काफी ज्यादा अशुभ माना गया है. इसके अलावा, दीपक को हाथ से या किसी कपड़े से हवा करके अचानक बुझाना भी सही नहीं है. शास्त्रों के अनुसार, दीपक को अपने आप शांत होकर खुद बुझना चाहिए. अगर किसी भी कारण से दीपक को शांत करना आपके लिए जरूरी है, तो आप थोड़े से चावल या फिर फूल की पंखुड़ियों का इस्तेमाल करके भी उसे सम्मानपूर्वक शांत कर सकते हैं.
एक दीपक से दूसरा दीपक न जलाएं
अक्सर जब हम पूजा कर रहे होते हैं, तो एक जलते हुए दीपक से दूसरा दीपक जलाने की गलती कर बैठते हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार, यह आपकी सबसे बड़ी गलती हो सकती है. अगर आप ऐसा करते हैं, तो यह घर में बीमारियां और पैसों से जुड़ी दिक्कतों को बढ़ा सकती है. शास्त्रों के अनुसार, हर दीपक को जलाने के लिए माचिस या अलग से किसी साधन का ही इस्तेमाल करना चाहिए. एक दीपक से दूसरे दीपक को प्रज्वलित करने से पूजा का सम्पूर्ण पुण्य हासिल नहीं होता है.

