अमेरिकी लेखक सलमान रुश्दी पर 2022 में जानलेवा हमला करने वाले हादी मतर के खिलाफ अमेरिका की संघीय अदालत में आतंकवाद से जुड़े आरोपों पर मुकदमा शुरू हो गया है। अभियोजन पक्ष का कहना है कि हमला ईरान के फतवे को पूरा करने के इरादे से किया गया था, जबकि बचाव पक्ष का दावा है कि मतर ने किसी साजिश के तहत नहीं बल्कि व्यक्तिगत धार्मिक आक्रोश में अकेले हमला किया। हत्या की कोशिश के मामले में 25 साल की सजा काट रहे मतर को आतंकवाद के आरोप साबित होने पर आजीवन कारावास भी हो सकता है।
क्या था अभियोजन पक्ष का दावा?
संघीय सहायक अभियोजक टिमोथी लिंच ने अदालत में कहा कि हादी मतर ने सलमान रुश्दी पर हमला ‘फतवे को पूरा करने’ के उद्देश्य से किया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, ईरान के धार्मिक नेताओं ने रुश्दी की चर्चित किताब ‘द सैटेनिक वर्सेज’ को ईशनिंदा मानते हुए उनके खिलाफ हत्या का फतवा जारी किया था और उसी के तहत यह हमला किया गया।
क्या पहले भी दोषी ठहराया जा चुका है?
हादी मतर को पिछले वर्ष न्यूयॉर्क की एक राज्य अदालत ने सलमान रुश्दी की हत्या की कोशिश का दोषी ठहराया था। इस मामले में उसे 25 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। अब उसी घटना से जुड़े अलग संघीय कानूनों के तहत उस पर आतंकवाद के आरोपों में मुकदमा चल रहा है।
2022 में कब, कहां और क्यों हुआ हमला?
- फतवा पूरा करने के लिए सलमान रुश्दी पर मतर ने चाकू से किया था हमला।
- आतंकवाद के आरोप में अदालत करेगी सुनवाई।
- अमेरिका में उम्रकैद की सजा की लटकी तलवार।
अमेरिका में दो अलग-अलग मुकदमे कैसे चल सकते हैं?
अमेरिका में राज्य और संघीय कानून अलग-अलग होते हैं। ऐसे में किसी एक घटना के लिए व्यक्ति पर राज्य और संघीय दोनों कानूनों के तहत अलग-अलग मुकदमे चलाए जा सकते हैं। यदि हादी मतर आतंकवाद के आरोपों में भी दोषी पाया जाता है, तो उसे आजीवन कारावास की सजा हो सकती है।
हमला कब और कहां हुआ था?
लेबनानी मूल का अमेरिकी नागरिक हादी मतर ने वर्ष 2022 में न्यूयॉर्क स्थित चौटाउक्वा इंस्टीट्यूशन में आयोजित एक साहित्यिक कार्यक्रम के दौरान मंच पर सलमान रुश्दी पर हमला किया था। यह साहित्य और कला का प्रतिष्ठित केंद्र शहर से लगभग 600 किलोमीटर दूर स्थित है। इस संघीय मामले की सुनवाई कनाडा सीमा के निकट स्थित बफेलो की अदालत में हो रही है।
आरोपी का बचाव पक्ष क्या कह रहा है?
हादी मतर ने साजिश और आतंकवाद से जुड़े आरोपों से इनकार किया है। उसके वकील नाथानियल बारोन का कहना है कि मतर ने किसी के साथ मिलकर साजिश नहीं रची थी। उनका दावा है कि वह एक धार्मिक व्यक्ति है और सलमान रुश्दी के प्रति गुस्से में उसने अकेले यह हमला किया।
सलमान रुश्दी के खिलाफ फतवा कब जारी हुआ था?
ईरान के दिवंगत सर्वोच्च धार्मिक नेता आयतुल्ला रुहोल्लाह खोमैनी ने बुकर पुरस्कार विजेता लेखक सलमान रुश्दी के खिलाफ फतवा जारी किया था। इसके बाद रुश्दी को कई वर्षों तक ब्रिटिश सरकार की सुरक्षा में छिपकर रहना पड़ा था।
हमले के बाद सलमान रुश्दी की जिंदगी कैसे बदली?
हमले में अपनी दाहिनी आंख की रोशनी गंवाने के बाद सलमान रुश्दी अब दाहिनी आंख पर आई पैच लगाकर रहते हैं। इस मुकदमे में उनके गवाही देने की भी संभावना है। उन्होंने इस हमले और उसके बाद के अनुभवों पर आधारित ‘नाइफ: मेडिटेशंस आफ्टर एन अटेम्प्टेड मर्डर’ नामक संस्मरण भी लिखा है।
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हमले के समय वे किस विषय पर बोलने वाले थे?
विडंबना यह रही कि जिस साहित्यिक कार्यक्रम में सलमान रुश्दी पर हमला हुआ, वहां वे लेखकों की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे महत्वपूर्ण विषय पर व्याख्यान देने वाले थे।


