केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा बुधवार को मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि पेपर लीक जैसे मुद्दों और छात्रों के आंदोलन का राजनीतिकरण न हो। जेपी नड्डा ने राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पेपर लीक का मुद्दा जांच का विषय है।

जेपी नड्डा ने कहा, “विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भारतीय संसद में एक प्रस्तुति दी, जिसमें उन्होंने लगभग 150 दस्तावेज लीक का जिक्र किया। यह जांच का विषय है। एक जिम्मेदार सरकार होने के नाते, निश्चित रूप से इसकी जांच करेगी और जनता और राष्ट्र के सामने सच्चाई पेश करेगी।”
राहुल गांधी पर खड़े किए सवाल
केंद्रीय मंत्री ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उनके सेलेक्टिव होने पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, ”मेरा राहुल गांधी से सवाल है कि आपने यूपीए और इंडी गठबंधन की सरकारों में हुए पेपर लीक पर चर्चा क्यों नहीं की? यह स्पष्ट बताता है कि आपका उद्देश्य छात्रों का हित नहीं है। आपका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था के सुधार और छात्रों को न्याय मिलने में नहीं है। राहुल गांधी छात्रों के विषयों और मांगों को लेकर राजनीतिक लाभ लेना चाहते हैं। आप इस विषय पर राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहते हैं।”
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नड्डा ने गिनाए विपक्ष की सरकारों में हुए पेपर लीक
उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर में सर्विस सेलेक्शन बोर्ड की परीक्षा में पेपर लीक हुआ, जहां पर नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस की सरकार है। इसी तरह से हिमाचल प्रदेश में राज्य के स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड में पेपर लीक हुआ, जहां कांग्रेस की सरकार है। झारखंड में जेएसी में हिंदी और विज्ञान के पेपर लीक हुए, वहां झारखंड मुक्ति मोर्चा-कांग्रेस की सरकार है। तेलंगाना में इंटरमीडिएट के लैंग्वेज और एसएससी में लैंग्वेज के पेपर लीक हुए, वहां पर कांग्रेस और सीपीआई के समर्थन वाली सरकार है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तमिलनाडु में बीएड की परीक्षा में भी पेपर लीक हुआ, वहां भी विपक्ष की सरकार थी। पश्चिम बंगाल में पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती का पेपर लीक हुआ, वहां टीएमसी की सरकार थी। पंजाब में पंजाब सबॉर्डिनेट्स सर्विस सेलेक्शन बोर्ड के ग्रुप डी का पेपर लीक हुआ और नकल भी हुई। इसी तरह से केरल में राज्य में पीएसी की 26 परीक्षाओं में अनियमितताएं हुईं।
संसद में चर्चा को तैयार है सरकार : केंद्रीय मंत्री नड्डा
जेपी नड्डा ने कहा, “हम हमेशा से चाहते थे कि इस (पेपर लीक) मामले पर संसद में चर्चा हो। चाहे अल्पकालिक चर्चा हो या दीर्घकालिक, कार्य सलाहकार समिति में, आप तय करें कि कितना समय लेना है। आप 12 घंटे ले सकते हैं, आप 18 घंटे ले सकते हैं। राज्यसभा में सदन के नेता के रूप में, मेरा हमेशा से मानना रहा है कि विपक्ष जितने घंटे की चर्चा चाहे, हम उसके लिए तैयार हैं।”
उन्होंने कहा, “सरकार चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष को इसे ध्यान में रखना चाहिए और अपने लक्ष्य को नहीं बदलना चाहिए। हमें इस समस्या के समाधान के बारे में सोचना चाहिए और संसद सबसे उपयुक्त मंच है जहां हम इस पर गहराई से विचार कर सकते हैं। विपक्ष को समय अवधि तय करनी चाहिए और इसमें हर पहलू पर चर्चा होनी चाहिए और हमें एक ठोस नीति बनानी चाहिए।”
राहुल गांधी ने खड़े किए थे सवाल
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “बच्चे हमारे हैं, आपके हैं और देश का भविष्य हैं। देश के भविष्य की देखभाल करना हमारा दायित्व है। इस दायित्व में सरकार के साथ-साथ विपक्ष भी शामिल है। इसलिए, मैं विपक्ष से अपने दायित्व को पूरा करने का आग्रह करता हूं और हम सभी को मिलकर इस मुद्दे का समाधान करने और एक स्थायी समाधान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए काम करना चाहिए।”
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को छात्रों के आंदोलन पर लाठीचार्ज को लेकर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि देश के छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठा रहे हैं, लेकिन उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, जैसे उन्होंने कोई अपराध किया हो। राहुल गांधी ने कहा कि छात्र केवल एक निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, जो उनका अधिकार है।

