मसूरी-देहरादून मार्ग पर कोल्हूखेत के पास भूस्खलन के कारण बंद हुआ यातायात मंगलवार सुबह बहाल कर दिया गया। मार्ग को सुबह हल्के वाहनों के लिए खोल दिया गया, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। बता दें कि सोमवार शाम करीब 4 बजे भूस्खलन के बाद यह मार्ग पूरी तरह यातायात के लिए बंद हो गया था। लोनिवि की टीम ने मलबा हटाने के बाद सड़क को आंशिक रूप से खोल दिया है। लोनिवि के सहायक अभियंता अरविंद सतवारिया ने बताया कि फिलहाल मसूरी-देहरादून मार्ग हल्के वाहनों के लिए खोल दिया गया है।
यमुनोत्री हाईवे पर मलबा-पत्थर गिरने से आवाजाही ठप
यमुनोत्री घाटी में रातभर हुई भारी बारिश के चलते यमुनोत्री हाईवे पर जगह-जगह मलबा और पत्थर आने से आवाजाही सुबह तड़के से बंद है। भारी बारिश के कारण बड़कोट नगरपालिका क्षेत्र के दोनों ओर बहने वाले बरसाती खड्ड भी उफान पर हैं। एनएच के ईई मनोज रावत ने बताया कि हाईवे खोलने के लिए मशीनों को मौके पर भेज दिया गया है और जल्द यातायात बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उत्तराखंड में एक एनएच, दो स्टेट हाइवे समेत 98 मार्ग बंद
प्रदेश में भूधंसाव, भूस्खलन के कारण सोमवार को 98 मार्ग बंद रहे। देहरादून में देहरादून-मसूरी राज्य मोटर मार्ग पर भूधंसाव हुआ। इसके कारण मार्ग बंद हो गया। हालांकि हल्के वाहनों के लिए मार्ग आज खुल गया है। जिले में कुल 10 मार्ग बंद हैं। अल्मोड़ा में सात, बागेश्वर में 10 और रुद्रप्रयाग में सात ग्रामीण मार्ग बंद हैं। चमोली जिले में सिमली-ग्वालदम एनएच मलबा आने के कारण बंद है। यहां पर 25 ग्रामीण मार्ग भी आवाजाही ठप है। पिथौरागढ़ में 14 ग्रामीण मोटर मार्ग, नैनीताल में एक राज्य मार्ग और पांच ग्रामीण मोटर मार्ग, उत्तरकाशी में दो ग्रामीण मोटर मार्ग, बागेश्वर में 10, चंपावत में तीन और टिहरी में नौ ग्रामीण मोटर मार्ग बाधित हैं। इसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।किच्छा में 130 एमएम बरसात हुई।
ये भी पढ़ें…UKSSSC: सहायक कृषि अधिकारी भर्ती: आयोग ने जारी किया नया सिलेबस, डिजिटल AI, रोबोटिक्स से भी पूछे जाएंगे सवाल
राज्य में मेघ जमकर बरस रहे हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से जारी बुलेटिन के अनुसार किच्छा में 130 एमएम बारिश हुई है। जबकि देहरादून जिले के मालदेवता क्षेत्र में 103 एमएम बारिश रिपोर्ट हुई। हाथी बड़कला में 75 एमएम बारिश हुई। अल्मोड़ा में 52 एमएम, खटीमा में 75, ऊखीमठ में 77 एमएम बरसात हुई है। वहीं, नदियों का जल स्तर भी खतरे के निशान के पास पहुंचा है। इसमें उत्तरकाशी में भागीरथी नदी का जल स्तर 1119 मीटर तक पहुंच गया, जो कि स्थिर बना हुआ है। यहां पर नदी का खतरे का जल स्तर 1123 मीटर है। बदरीनाथ में अलकनंदा नदी का जल स्तर 3111 तक पहुंच गया, जबकि यहां पर नदी का खतरे का जल स्तर 3113 मीटर है। नंद केसरी में पिंडर नदी देव प्रयाग में गंगा नदी का 456 मीटर, ऋषिकेश में 338.22 मीटर और हरिद्वार में 291.18 मीटर पर पहुंच गया।
#WATCH | Uttarakhand: Tamsa River in spate following incessant heavy rainfall in Dehradun and its surrounding areas. The river is flowing through the historic Tapkeshwar Mahadev Temple. pic.twitter.com/l1XumQQMR9
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) July 21, 2026


