8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी मिलने के बाद से ही केंद्रीय कर्मचारियों की नजर आपनी वेतन वृद्धि के ऊपर है. हालांकि फिलहाल इसको लेकर तमाम तरह की बैठकों का दौर जारी है. फिलहाल इसे लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है. इसी बीच लोग पुराने वेतनमान और वेतन वृद्धि को लेकर भी कई बातें कर रहे हैं. तो आइये हम आपको बताते हैं कि इससे पहले सबसे कम सैलरी हाइक किस पे कमीशन में हुआ था.
इस वेतन आयोग में हुई सबसे कम वेतन वृद्धि
अब तक सात पे कमीशन लागू हो चुके हैं, जिसके जरिए सरकारी कर्मचारियों की अच्छी खासी वेतन वृद्धि हुई है. पहले और दूसरे वेतन आयोग के साथ वेतन को व्यवस्थित करने का काम किया गया था. तीसरे से असल में वेतन वृद्धि की शुरुआत हुई. पहले से सातवें तक लगातार बढ़ती हुई महंगाई के हिसाब से सरकारी कर्मचारियों के सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव किया गया. सबसे ज्यादा सैलरी हाइक प्रतिशत के हिसाब से छठे वेतन आयोग के दौरान हुई थी. तो वहीं सबसे कम वेतन वृद्धि 7वें वेतन आयोग यानी 7th Pay Commission में हुई थी.
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हालांकि 7वें वेतन आयोग का फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, लेकिन इसमें पहले से मिल रहे DA को नए बेसिक वेतन में मिला दिया गया था. इसलिए कर्मचारियों की असली वेतन वृद्धि औसतन करीब 14.3% ही मानी जाती है, जो पिछले वेतन आयोगों की तुलना में सबसे कम थी. लेकिन फिर भी मिनिमम वेतन इस वेतनमान में 7000 हजार रुपये से बढ़कर 18000 रुपये हो गया था.
पिछले वेतन आयोगों में कितनी हुई वेतनवृद्धि?
पहले वेतन आयोग का गठन साल 1947 में हुआ था, जो 1949 में लागू किया गया था. इसमें सरकारी कर्मचारियों के सैलरी स्ट्रक्चर को पहली बार व्यवस्थित किया गया था. तो वहीं इसके बाद दूसरा वेतन आयोग 1957 में बना था जिसे साल 1959 में लागू किया गया. इसमें कर्मचारियों के पद और जिम्मेदारियों के आधार पर वेतन तय किया गया था. इसके बाद साल 1970 में तीसरा वेतन आयोग बना जो 1973 में लागू हुआ था. इसमें महंगाई भत्ते को वेतन वृद्धि का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया. इसके बाद चौथे से असली वेतन वृद्धि शुरू हुई जो इस प्रकार है:

- चौथे वेतन आयोग में कर्मचारियों की करीब 27.6% वेतन वृद्धि हुई थी.
- पांचवे वेतन आयोग में कर्मचारियों की करीब 31% वेतन वृद्धि हुई थी.
- छठवें वेतन आयोग में कर्मचारियों की करीब 54% वेतन वृद्धि हुई थी.
- तो वहीं सातवें वेतन आयोग में कर्मचारियों की करीब 14.3% वेतनवृद्धि हुई थी.
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आठवें वेतन आयोग से हैं उम्मीदें
बता दें कि केंद्र सरकार के आठवें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी देने के बाद से ही अब कर्मचारियों को इस वेतन आयोग से काफी ज्यादा उम्मीदें हैं. कर्मचारी संगठन लगातार इसको लेकर अपनी मांगे आयोग के सामने पेश कर रहे हैं. हालांकि अभी आखिरी फैसला आना बाकी है, जो आयोग कुछ समय के बाद पेश करेगा. अब देखना दिलचस्प होगा कि सरकार कर्मचारियों की मांगें मानती है या फिर कर्मचारियों को निराशा झेलना पड़ सकती है.

