12:05 PM, 16-Jul-2026
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने दी रथ यात्रा की शुभकामनाएं
ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा के अवसर पर प्रदेशवासियों और देशभर के श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की दिव्य रथ यात्रा सभी के बीच आस्था, एकता, समानता, भाईचारे और मानवता की भावना को और मजबूत करे। उन्होंने भगवान से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। वहीं, मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि करोड़ों ओड़िया लोगों के आराध्य भगवान जगन्नाथ की कृपा से राज्य निरंतर प्रगति करे और हर व्यक्ति का जीवन खुशहाली से भर जाए।
11:41 AM, 16-Jul-2026
गर्भगृह से बाहर निकले भगवान जगन्नाथ
पारंपरिक पाहंडी अनुष्ठान के तहत सबसे पहले भगवान सुदर्शन, फिर भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और अंत में भगवान जगन्नाथ को गर्भगृह से बाहर लाकर उनके भव्य रथों नंदीघोष, तालध्वज और दर्पदलन तक पहुंचाया जा रहा है। रथों पर विराजमान होने से पहले तीनों देवता नए रथों की परिक्रमा करेंगे और रथ बीजे अनुष्ठान के बाद उन्हें सिंहासन पर स्थापित किया जाएगा। इसके बाद गोवर्धन पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती विशेष पूजा-अर्चना करेंगे, जबकि पुरी के गजपति महाराजा दिव्यसिंह देव पारंपरिक छेरा पहंरा अनुष्ठान के तहत स्वर्ण जड़ित झाड़ू से तीनों रथों की सफाई कर सुगंधित पवित्र जल का छिड़काव करेंगे। सभी धार्मिक अनुष्ठान पूरे होने और रथों में लकड़ी के घोड़े जोड़े जाने के बाद दोपहर करीब 2 बजे श्रद्धालु रथों को खींचना शुरू करेंगे। परंपरा के अनुसार सबसे पहले भगवान बलभद्र का तालध्वज रथ, फिर देवी सुभद्रा का दर्पदलन और अंत में भगवान जगन्नाथ का नंदीघोष रथ गुंडिचा मंदिर की ओर रवाना होगा।
10:20 AM, 16-Jul-2026
मौसम विभाग ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट
ओडिशा के पुरी में लगातार हो रही भारी बारिश के बावजूद करीब दो लाख श्रद्धालु पहले पहुंच चुके हैं। मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए भी भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी जारी की है। रथ यात्रा की पूर्व संध्या पर पुरी में 143.8 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसके चलते प्रशासन ने ग्रैंड रोड पर जलभराव से निपटने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं ताकि 12वीं शताब्दी के श्री जगन्नाथ मंदिर से लगभग 2.6 किलोमीटर दूर श्री गुंडिचा मंदिर तक रथों की यात्रा सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
09:58 AM, 16-Jul-2026
सुदर्शन पटनायक ने रेत पर उकेरी महाप्रभु की भव्य आकृति
#WATCH | Puri | On the auspicious occasion of Rath Yatra, sand artist and Padma Shri awardee Sudarsan Pattnaik created a special sand sculpture at Puri Beach, Odisha featuring Mahaprabhu Jagannath and 100 miniature sand chariots.
(15.07) pic.twitter.com/jcYbMGRgXr
— ANI (@ANI) July 16, 2026
09:55 AM, 16-Jul-2026
रथ यात्रा पर धर्मेंद्र प्रधान ने क्या कहा?
ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि आज महाप्रभु श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा की पावन रथ यात्रा का शुभ दिन है। उन्होंने कहा कि कुछ ही देर में महाप्रभु मंदिर से बाहर निकलेंगे और पारंपरिक पाहंडी अनुष्ठान के बीच रथ पर विराजमान होंगे। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि यह पवित्र अवसर स्वयं महाप्रभु ने अपने भक्तों और आम जन को दर्शन देने के लिए निर्धारित किया है। उन्होंने बताया कि वह मंदिर जा रहे हैं, जहां भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने के साथ-साथ गोवर्धन पीठ के शंकराचार्य का भी आशीर्वाद लेंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह महाप्रभु से ओडिशा, पूरे भारत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सभी देशवासियों के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की प्रार्थना करेंगे। उन्होंने कामना की कि भारत निरंतर प्रगति करे और विश्व को मार्गदर्शन देने वाला राष्ट्र बने।
09:32 AM, 16-Jul-2026
कांग्रेस अध्यक्ष ने भी दी रथयात्रा की शुभकामनाएं
पवित्र रथयात्रा के मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए भक्तों को रथयात्रा की शुभकामनाएं दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘सभी देशवासियों को महाप्रभु श्री जगन्नाथ रथयात्रा के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं। श्रद्धा, भक्ति और आस्था से परिपूर्ण यह महापर्व देश में सद्भाव, सुख-शांति और खुशहाली लेकर आए, यही हमारी कामना है।
09:29 AM, 16-Jul-2026
रथयात्रा के लिए अहमदाबाद में 30 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात
डेढ़ किलोमीटर लंबी इस शोभायात्रा में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के तीन रथों के अलावा 18 सजे-धजे हाथी, करीब 100 झांकियां, लगभग 30 अखाड़े, धार्मिक मंडलियां और 20 से अधिक भजन मंडलियां शामिल हैं। सुरक्षा के लिए अहमदाबाद पुलिस, होमगार्ड और ट्रैफिक ब्रिगेड सहित लगभग 30 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इनमें 10 डीआईजी/आईजी स्तर के अधिकारी, 42 एसपी/डीसीपी, 93 एसीपी, 303 पुलिस निरीक्षक और 673 सब-इंस्पेक्टर शामिल हैं। इसके अलावा राज्य रिजर्व पुलिस की 3,000 जवानों की टुकड़ी, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की पांच कंपनियां, सीमा सुरक्षा बल (BSF) की चार कंपनियां और चेतक कमांडो की तीन विशेष टीमें भी तैनात की गई हैं। यात्रा मार्ग पर करीब 3,700 सीसीटीवी कैमरे, 100 से अधिक ड्रोन कैमरे, 250 रूफटॉप निगरानी प्वाइंट और 250 डीप सर्विलांस प्वाइंट बनाए गए हैं। पुलिस 12 कंट्रोल रूम से लाइव निगरानी कर रही है, जबकि एआई आधारित वीडियो एनालिटिक्स से भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इसके साथ ही 65 हजार से अधिक अपराधियों के फोटो फेस रिकग्निशन सिस्टम में अपलोड किए गए हैं ताकि संदिग्धों की तत्काल पहचान की जा सके। अनधिकृत ड्रोन पर नजर रखने और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए दो एंटी-ड्रोन जैमिंग गन भी तैनात की गई हैं।
09:28 AM, 16-Jul-2026
मंगला आरती में शामिल हुए गृह मंत्री अमित शाह
#WATCH | Gujarat | Union Home Minister Amit Shah performed mangala aarti and had darshan of Lord Jagannath at Shree Jagannathji Mandir, Ahmedabad.#RathYatra pic.twitter.com/GXqb3Zt8pV
— ANI (@ANI) July 15, 2026
09:28 AM, 16-Jul-2026
अहमदाबाद में कड़ी सुरक्षा के बीच निकली 149वीं भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा
गुजरात के अहमदाबाद में गुरुवार सुबह भगवान जगन्नाथ की 149वीं रथ यात्रा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई। यात्रा का शुभारंभ मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पारंपरिक ‘पाहिंद विधि’ निभाकर किया। उन्होंने भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के तीनों रथों के आगे सोने की झाड़ू से मार्ग की प्रतीकात्मक सफाई कर यात्रा का शुभारंभ किया। इस दौरान उनके साथ राज्य के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री भी मौजूद रहें।
#WATCH | Gujarat Chief Minister Bhupendra Patel and Deputy Chief Minister Harsh Sanghavi performed Pahind Vidhi for Lord Jagannath Rathyatra in Ahmedabad. pic.twitter.com/eSeEKrtSEK
— ANI (@ANI) July 16, 2026
09:23 AM, 16-Jul-2026
सनातन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की अद्वितीय अभिव्यक्ति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान जगन्नाथ की पावन रथ यात्रा के शुभ अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह भारत की सनातन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की अद्वितीय अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि रथ यात्रा से जुड़ी परंपराओं ने भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की कई पीढ़ियों को प्रेरित किया है। यह महापर्व विनम्रता, सामूहिक सहभागिता और निस्वार्थ सेवा की भावना का जीवंत प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने भगवान जगन्नाथ से प्रार्थना की कि वे सभी लोगों को उत्तम स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करें। साथ ही उन्होंने कामना की कि भगवान सभी को अपने हर प्रयास में सफलता के लिए शक्ति दें और समाज में एकता, सद्भाव तथा भाईचारे की भावना को और मजबूत करें।


