इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या की वारदात में आरोपी उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करवाने के लिए मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इस मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी थी, लेकिन कुछ कारणों के चलते अब सुनवाई 21 जुलाई को होगी।
इधर, इंदौर में रहने वाले ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी का कहना है कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट से पूरी उम्मीद है। उनका विश्वास है कि 21 जुलाई को होने वाली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द कर देगा।
विपिन रघुवंशी ने कहा कि जब से सोनम रघुवंशी जमानत पर बाहर आई है, उसके बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में पत्नियों द्वारा अपने पतियों की हत्या की कई घटनाएं सामने आई हैं। उनका कहना है कि यह केवल हत्या नहीं, बल्कि पति-पत्नी के बीच विश्वास की भी हत्या है।
विपिन ने कहा कि शादी के बाद पति-पत्नी एक-दूसरे पर भरोसा करते हैं, लेकिन सोनम ने जिस तरह अपने पति की हत्या की, उसने उस विश्वास को तोड़ दिया। उनका यह भी कहना है कि इसके बाद कई अन्य महिलाओं द्वारा भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया गया है। यदि सोनम को कड़ी सजा नहीं मिली, तो आने वाले समय में इस तरह की घटनाएं जारी रह सकती हैं।
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‘छोटा भाई समझकर माफ कर दें’
वहीं, विपिन रघुवंशी ने सोनम रघुवंशी के वकील से भी माफी मांगी है। गौरतलब है कि इससे पहले विपिन रघुवंशी ने आरोप लगाया था कि सोनम को नेपाल भागने में उसके वकील का भी हाथ था। अब उन्होंने अपने उस बयान पर खेद जताते हुए वकील से माफी मांगी और कहा कि उन्हें छोटा भाई समझकर माफ कर दें। फिलहाल, राजा रघुवंशी के परिजनों को अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार है।


