Rajasthan ka Aaj Ka Mausam: राजस्थान में मानसून फिलहाल धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है और मौसम विभाग ने इसे मानसून का अस्थायी ‘ब्रेक फेज’ बताया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अगले दो-तीन दिन प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा। पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग में अगले एक सप्ताह तक अच्छी बारिश की संभावना नहीं है, जबकि 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 जुलाई की रात बंगाल की खाड़ी में नया मौसम तंत्र बनने के बाद 16 जुलाई से राजस्थान में बारिश की गतिविधियां फिर तेज हो सकती हैं।
मानसून के कमजोर पड़ने से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी और उमस का असर बढ़ गया है। शुरुआती दौर में अच्छी बारिश के बाद अब अधिकांश जिलों में वर्षा की गतिविधियां सीमित हो गई हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह मानसून की विदाई नहीं, बल्कि सामान्य ‘ब्रेक मानसून’ की स्थिति है।
पश्चिमी राजस्थान रहेगा सबसे अधिक प्रभावित
जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश जिलों में अगले सात दिनों तक मौसम शुष्क बना रहेगा। जैसलमेर, फलोदी, बीकानेर और आसपास के इलाकों में तेज धूप के साथ गर्म हवाओं का असर रहेगा। अगले दो से तीन दिनों के दौरान कई स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी हवाएं चल सकती हैं।
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इन जिलों में हल्की बारिश के आसार
हालांकि पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की राहत मिल सकती है। अलवर, दौसा, भरतपुर, धौलपुर, टोंक, उदयपुर, नागौर, शाहपुरा समेत कुछ जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है। उदयपुर संभाग में 16 और 17 जुलाई से बारिश की गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं।
रविवार रात बदला मौसम
रविवार रात बीकानेर, हनुमानगढ़ और चूरू के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की गई। महाजन, अर्जुनसर, मनापरसर और चंदेरी छोटी सहित कई क्षेत्रों में बूंदाबांदी हुई। वहीं झुंझुनूं, पिलानी, बहल, राजगढ़ और मलसीसर क्षेत्र में भी बादलों की सक्रियता देखी गई। सीमावर्ती तनोट और घोटारू क्षेत्रों में भी बादल छाए रहे।
प्रमुख शहरों का मौसम
राजधानी जयपुर में मंगलवार को अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है और कुछ इलाकों में हल्की फुहारें पड़ सकती हैं। अलवर और भरतपुर में उमस अधिक रहेगी, जबकि कोटा, बूंदी और झालावाड़ में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है। अजमेर और टोंक में मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा।
मौसम विभाग का कहना है कि यदि बंगाल की खाड़ी में प्रस्तावित सिस्टम तय समय पर सक्रिय होता है तो 16 जुलाई से राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय होकर कई जिलों में अच्छी बारिश करा सकता है। तब तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लोगों को गर्मी, उमस और शुष्क मौसम का सामना करना पड़ेगा।

