लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

नौवीं-10वीं के सात फीसदी छात्र पूरी नहीं कर पाते स्कूली शिक्षा, Up समेत किन राज्यों के प्रदर्शन में सुधार? – Secondary-school-dropout-rate-india-2025-26-up-bihar-rajasthan-madhya-pradesh-show-improvement

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी 9वीं से 10वीं कक्षा के सात फीसदी छात्र अपनी स्कूली शिक्षा पूरी नहीं कर पा रहे। स्कूली शिक्षा की इन कक्षाओं में ड्रॉपआउट का राष्ट्रीय औसत सात फीसदी है। यानी इतने छात्र बीच में पढ़ाई छोड़ रहे हैं। ऐसे छात्र आगे कहीं दाखिला भी नहीं लेते हैं। पढ़े-लिखे प्रदेश कर्नाटक में इन कक्षाओं में ड्रॉपआउट देशभर में सबसे अधिक 18.1 फीसदी है। इसके बाद, गुजरात, छत्तीसगढ़ के स्कूलों में भी आंकड़ा अधिक है।

हालांकि, उत्तर भारत में उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश की स्कूली शिक्षा की स्थिति इन राज्यों की तुलना में बेहतर है। क्योंकि, यूपी का ड्रॉपआउट महज 8.4, बिहार नौ फीसदी, मध्य प्रदेश 13 तो राजस्थान 8.8 फीसदी है। अधिकारी ने कहा, स्कूली शिक्षा की रिपोर्ट में पिछले वर्षों में देश की स्कूली शिक्षा के ड्रॉपआउट में बेशक सुधार हुआ है। प्रयासों में उतना सुधार नहीं दिख रहा है।

क्या कहते हैं रिपोर्ट के आंकड़े?

वर्ष 2025-26 की रिपोर्ट में प्रारंभिक, मध्य और माध्यमिक तीनों में ड्रॉपआउट कम तो हो रहा है। लेकिन माध्यमिक स्तर की स्थिति अभी भी चिंताजनक है। क्योंकि, माध्यमिक स्तर पर सात फीसदी ड्रॉपआउट है, जोकि पिछले साल के मुकाबले महज 1.2 फीसदी ही कम हुआ है। यह 2022-23 में 13.8 फीसदी था, जो 2023-24 में करीब तीन फीसदी तक कम होकर 10.9 फीसदी रह गया था। इसके बाद, 2024-25 में भी दो फीसदी तक ड्रॉपआउट कम होने में सुधार हुआ था। मध्य स्तर पर यह ड्रॉपआउट 2022 में 8.1 फीसदी से घटकर 3.6 हो गया। जबकि प्रारंभिक में 2022 में 8.7 फीसदी से घटकर अब सीधे 1.8 फीसदी रह गया है।

संसद में क्या बोली थी सरकार?

सरकार की 16 मार्च 2026 को संसद में पेश रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2020-21 से लेकर 2024-25 तक माध्यमिक स्तर पर यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब में लगातार ड्रॉपआउट कम हो रहा है। यूपी में 2020-21 के 13.2 से घटकर अब 8 फीसदी तक रह गया है। हालांकि वर्ष 2024 में यह आंकड़ा 5.1 फीसदी रह गया था।

उत्तराखंड में अब 2024-25 में 6.9 फीसदी से तीन फीसदी, पंजाब 11.1 से 5.2 फीसदी, हरियाणा में 8.9 से घटकर 4.1 फीसदी, हिमाचल प्रदेश में 7.1 फीसदी से घटकर 4.8 फीसदी रह गया है। हालांकि जम्मू कश्मीर 4.6 फीसदी से बढ़कर 12.2 फीसदी,दिल्ली में 5.1 फीसदी से बढ़कर 5.8 फीसदी तो चंडीगढ़ शून्य से अब बढ़कर 1.1 तक पहुंचा था।

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

ट्रैफिक जाम से बचने के लिए फुटपाथ पर चढ़ा दी महिंद्रा थार:मां से कहा- ‘थार लेने का यही फायदा है’, भड़के लोग – Up Man Drives Mahindra Thar On Footpath To Skip Traffic; Internet Slams Driver For Lack Of Civic Sense

श्रीलंका:’संकट में साथ खड़ा रहेगा भारत’, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दोनों देशों के संबंधों पर क्या-क्या कहा? – India Will Always Stand Firmly With Sri Lanka In Times Of Crisis: Rajnath Singh

सीआरपीएफ कमांडेंट 3000 किमी दूर अटैच:बताया खुली गिरफ्तारी, राष्ट्रपति से की डीआईजी विजिलेंस की शिकायत – Crpf Commandant Attached 3,000 Km Away, Calls It ‘open Arrest’; Complains Against Dig Vigilance To President

धुरंधर:रणवीर सिंह की फिल्म पर तिग्मांशु धूलिया ने साधा निशाना; कहानी पर सवाल उठाते हुए जानिए क्या बोले? – Filmmaker Tigmanshu Dhulia Criticises Ranveer Singh Aditya Dhar Movie Dhurandhar Story

महाराष्ट्र:डिजिटल आईकार्ड में न अफसर का ओहदा, न एक्सपायरी डेट; इसी चूक से खुली पकड़े गए संदिग्धों की पोल – Fake Pmo Id Card Exposes Armed Suspects At Mumbai Jio World Plaza Ahead Of Pm Modi Event

सत्य निकेतन हादसे के बाद बड़ा फैसला:लागू होगी पीजी नीति, जरूरी होगा लाइसेंस; किराये की व्यवस्था में भी बदलाव – Major Decision Following Satya Niketan Incident Pg Policy To Be Implemented Soon

Leave a Comment