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500% टैरिफ लगाने से बर्बाद करने की धमकी तक, ट्रंप के करीबी लिंडसे ने कब-कब भारत के खिलाफ उगला जहर

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अमेरिकी रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम की शनिवार (11 जुलाई 2026) की शाम को अचानक निधन हो गया. वह 71 साल के थे. पाकिस्तान की नीति और नीयत को लेकर कभी भी आश्वस्त नहीं रहे. हाल ही में उन्होंने अमेरिका-ईरान के बीच मध्यस्थता को लेकर भी काफी सवाल खड़े किए थे. अपने राजनीतिक करियर के शुरुआती दौर में लिंडसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुखर आलोचक रहे थे, लेकिन बाद में कैपिटल हिल (अमेरिकी संसद) में उनके सबसे भरोसेमंद समर्थकों में शामिल हो गए.

भारत को बर्बाद करने की दी थी धमकी

ट्रंप के करीबी सहयोगी लिंडसे अलग-अलग मुद्दों पर अपने विवादास्पद बयानों के कारण अक्सर सुर्खियों में रहे. रूस से सस्ता तेल और यूरेनियम खरीदने को लेकर वह पर 500% तक टैरिफ लगाने वाला एक बिल (ग्राहम-ब्लूमेंथल बिल) प्रस्तावित किया था. उन्होंने इसमें चीन और ब्राजील को भी शामिल किया था, जिस पर 500 फीसदी टैरिफ लगाने की बात कही गई थी. उन्होंने कहा था कि भारत जैसे देश रूस से सस्ता तेल खरीदकर पुतिन की युद्ध मशीन को वित्तीय सहायता दे रहे हैं. उन्होंने कहा था, ‘अगर आप इस युद्ध को जारी रखने के लिए सस्‍ता रूसी तेल खरीदते रहेंगे, तो हम आपको बर्बाद कर देंगे और आपकी अर्थव्‍यवस्‍था को बर्बाद कर देंगे.’

भारत पर पुतिन की युद्ध मशीनरी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया

लिंडसे ग्राहम ने जून 2025 में अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर भारत और चीन पर निशाना साधा था. उन्होंने भारत और चीन का नाम लेते हुए कहा कि अगर आप पुतिन की युद्ध मशीनरी को बढ़ावा देने जारी रखते हैं तो आपके पास खुद को दोष दोने के अलावा और कोई रास्ता नहीं होगा. फरवरी 2026 में उन्होंने ट्रंप प्रशासन की ओर से भारत पर लगाए गए 25 फीसदी टैरिफ का समर्थन किया था. उन्होंने कहा था कि भारत पहले अपनी कुल जरूरत का सिर्फ 3 फीसदी तेल रूस से खरीदता था, लेकिन जंग के बाद इसे बढ़ा दिया है.

मुझे पाकिस्तान पर भरोसा नहीं:

हालांकि पाकिस्तान को लेकर भी उन्होंने कई बार कड़े बयान दिए हैं. उन्होंने ईरान संघर्ष में उसकी मध्यस्थता की उन्होंने कभी भी प्रशंसा नहीं की। उन्होंने उसे समस्याओं से भरा और इजरायल के प्रति नकारात्मक रवैए वाला मध्यस्थ करार दिया था। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल न होने को भी वो गलत बताते थे. उन्होंने कहा था कि अमेरिकी हमले के समय पाकिस्तान ईरानी सैन्य विमानों को अपने अड्डों पर पनाह दे रहा था. उन्होंने सार्वजनिक तौर पर कहा था कि उन्हें पाकिस्तान पर भरोसा नहीं है.

खामेनेई को खत्म करने की दी थी धमकी

उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की योजना को खुलकर समर्थन किया था. यूरोपीय नेताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था, ‘ग्रीनलैंड का मालिक कौन है, इससे किसे फर्क पड़ता है?’ इसके अलावे उन्होंने ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को तानाशाह करार दिया दिया था. उन्होंने कहा था, ‘अब उनका जाने का समय आ गया है. वहां की जनता भी चाहती है कि वह पद से हटें. अगर मैं मिस्टर प्रेसीडेंट की जगह होता तो उस लीडरशिप को ही खत्म कर देता जो अपनी ही जनता को मार रही है.’

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