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लोन लेने वालों के लिए बड़ी खबर, HDFC बैंक ने बदला MCLR, जानें अब EMI महंगी होगी या सस्ती

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HDFC Bank MCLR Rates: प्राइवेट सेक्टर के बैंक HDFC बैंक ने कल यानी कि 7 जुलाई को अपनी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट्स (MCLR) में बदलाव किया है. बैंक ने जहां शॉर्ट-टर्म (Overnight) लोन की दरों में 5 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की है. वहीं, कुछ चुनिंदा अवधियों के लिए इतने ही बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी भी की है. बैंक ने अपने लिए इस नए फैसले में होम और कार लोन से जुड़े 1 साल और 3 साल के MCLR को 5 बेसिस पॉइंट बढ़ा दिया है.

बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के अनुसार, ये नई दरें मंगलवार, 7 जुलाई, 2026 से लागू हो गई है. इसके चलते कॉर्पोरेट या बेहद कम अवधि (Overnight) के लिए लोन लेने वाले ग्राहकों के लिए ब्याज दरें बेशक कम हुई हैं, लेकिन आम उपभोक्ताओं के लिए ब्याज दरों में इजाफा हुआ है क्योंकि होम या ऑटो लोन जैसे अधिकतर रिटेल लोन 1 साल के MCLR से जुड़े होते हैं. ऐसे में इसमें 0.05% की बढ़ोतरी से मासिक EMI का बोझ बढ़ सकता है.

ब्याज दर में कितनी हुई बढ़ोतरी? 

नई दरों के अनुसार, HDFC बैंक ने ओवरनाइट MCLR को 5 बेसिस पॉइंट्स घटाकर 8.10% से 8.05% कर दिया है. एक महीने, तीन महीने, छह महीने और दो साल के MCLR में कोई बदलाव नहीं किया गया है और ये क्रमशः 8.05%, 8.20%, 8.35% और 8.55% पर बने हुए हैं. हालांकि, बैंक ने एक साल के MCLR को 8.40% से बढ़ाकर 8.45% और तीन साल के MCLR को 8.65% से बढ़ाकर 8.70% कर दिया है.

बता दें कि MCLR से जुड़े फ्लोटिंग रेट लोन में एक रीसेट पीरियड के लिए होता है, जो आमतौर पर एक साल या छह महीने होता है. यानी कि MCLR बढ़ाए जाने के तुरंत बाद EMI नहीं बढ़ती है, बल्कि यह लोन एग्रीमेंट में दर्ज अगले रीसेट तारीख से प्रभावी होता है. 

HDFC बैंक का लेटेस्ट MCLR

लोन की अवधि नई दर  पुरानी दर
ओवरनाइट 8.05% 8.10%
1 महीना 8.05% 8.05%
3 महीना 8.20% 8.20%
6 महीना 8.35% 8.35%
1 साल 8.45% 8.40%
2 साल 8.55% 8.55%
3 साल 8.70% 8.70%

MCLR क्या होता है?

‘मार्जिनल कॉस्ट ऑफ़ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट’ (MCLR) एक इंटरनल बेंचमार्क है, जिससे कम पर कोई भी बैंक ग्राहकों को लोन नहीं दे सकता. इसे साल 2016 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के निर्देश पर लागू किया गया था ताकि बैंक अपनी मर्जी से ब्याज दरें तय न कर सकें. 

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