फिल्म ‘सतलुज’ डायरेक्टर हनी त्रेहान ने बनाई है और यह 1990 के दशक के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की जिंदगी और उनकी मौत पर आधारित है। अब फिल्म के जी5 से हटा दिए जाने के बाद दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी ने इस फैसले का विरोध किया है और एक बड़ा फैसला सुनाया है।
DSGMC ने क्या कहा?

मंगलवार को DSGMC के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने कहा कि यह फिल्म जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित है और इसमें दिखाया गया है कि कैसे एक सामाजिक कार्यकर्ता ने लोगों को सच्चाई दिखाई।
उन्होंने कहा, ‘खालरा ने 25,000 ऐसे शवों का खुलासा किया था जिन्हें ‘लावारिस’ बताकर जला दिया गया था। उन्होंने इस मुद्दे को देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उठाया। ऐसी कहानी को दबाना बिल्कुल गलत है और इससे सिख समुदाय में काफी गुस्सा है।’
