लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

Un:ऐसा क्या हुआ कि संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के पास खाली कराना पड़ा भारतीय मिशन? मौके पर पहुंचे मेयर ममदानी – Indian Un Mission Premises Evacuated As Nearby Nyc High-rise Buckles At Risk Of Collapse

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के पास स्थित भारत के स्थायी मिशन के परिसर को मंगलवार को एहतियातन खाली करा लिया गया। इसकी वजह पास में निर्माणाधीन एक 37 मंजिला इमारत में आए गंभीर संरचनात्मक दोष हैं, जिससे उसके आंशिक रूप से ढहने का खतरा पैदा हो गया है। मिडटाउन मैनहट्टन के इस इलाके में कई इमारतों को भी खाली कराया गया है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल किसी के घायल होने की सूचना नहीं है और भारतीय मिशन में तैनात सभी राजनयिक तथा उनके परिवार सुरक्षित हैं।

भारतीय मिशन को तुरंत खाली कराने की नौबत आखिर क्यों आई?

भारत का स्थायी मिशन संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय से महज एक ब्लॉक की दूरी पर स्थित है। इस इमारत में मिशन के कार्यालयों के साथ-साथ भारतीय राजनयिकों और अन्य अधिकारियों के आवास भी हैं। एहतियात के तौर पर पूरे परिसर को खाली करा लिया गया। सूत्रों के मुताबिक सभी भारतीय अधिकारी और उनके परिवार सुरक्षित हैं तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन कर रहे हैं।

बनाया गया था भारतीय मिशन?

न्यूयॉर्क स्थित भारतीय मिशन 27 मंजिला लाल ग्रेनाइट की इमारत में संचालित होता है, जिसका निर्माण वर्ष 1993 में हुआ था। इस भवन का डिजाइन प्रसिद्ध भारतीय वास्तुकार चार्ल्स कोरिया ने तैयार किया था। यह इमारत सेकंड एवेन्यू के पास 43वीं और 44वीं स्ट्रीट के बीच स्थित है।

मेयर ने हालात को ‘बेहद गंभीर’ क्यों बताया?

न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी ने घटना को ‘बेहद गंभीर’ बताया। उन्होंने कहा कि अब तक किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली है और निर्माण स्थल पर मौजूद सभी मजदूरों का पता लगा लिया गया है। ममदानी के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब 8 बजे (स्थानीय समय) न्यूयॉर्क फायर डिपार्टमेंट को मैनहट्टन की 42वीं स्ट्रीट पर सेकंड और थर्ड एवेन्यू के बीच स्थित एक सक्रिय निर्माण स्थल पर संरचनात्मक समस्या की सूचना मिली थी। मेयर ममदानी ने कहा कि इमारत अभी भी अस्थिर बनी हुई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जब तक प्रशासन इस क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं कर देता, तब तक यहां आने से बचें।  

क्या UN मुख्यालय के आसपास की कई अहम इमारतें भी खतरे में हैं?

जिस इमारत में यह समस्या सामने आई है, उसके ठीक सामने भारतीय मिशन स्थित है। आसपास कई देशों के संयुक्त राष्ट्र मिशन, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के कार्यालय, बड़े होटल, रेस्तरां, आवासीय इमारतें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान मौजूद हैं।

ऐसा क्या हुआ कि पूरा इलाका खाली कराना पड़ा?

जिस 37 मंजिला इमारत में यह संकट पैदा हुआ, वह पहले दवा कंपनी फाइजर का मुख्यालय थी। वर्तमान में इसे व्यावसायिक कार्यालय से आवासीय इमारत में बदला जा रहा था और इसके लिए सभी आवश्यक निर्माण अनुमति भी मौजूद थीं।

क्या दो कॉलम मुड़ने से ढह सकती है पूरी इमारत?

फायर डिपार्टमेंट और बिल्डिंग विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे तो उन्होंने पाया कि इमारत की 21वीं मंजिल पर गंभीर संरचनात्मक क्षति हुई है। इमारत के दो मुख्य भार वहन करने वाले कॉलम (लोड-बेयरिंग कॉलम) मुड़ गए हैं। इसके अलावा कई जगह दरारें पड़ गई हैं और फर्श झुक गया है।

  

क्या इंजीनियर समय रहते इस इमारत को संभाल पाएंगे?

फायर डिपार्टमेंट, संरचनात्मक इंजीनियर और परियोजना से जुड़े इंजीनियर मिलकर 21वीं मंजिल को सहारा देने की योजना तैयार कर रहे हैं ताकि प्रभावित हिस्से पर पड़ रहे भार को सुरक्षित तरीके से वितरित किया जा सके। न्यूयॉर्क फायर डिपार्टमेंट के चीफ जॉन एस्पोसिटो ने कहा कि यह बेहद गंभीर स्थिति है क्योंकि स्टील की बॉक्स बीम अत्यधिक वजन के कारण मुड़ने और झुकने लगी हैं। उन्होंने बताया कि पहले इमारत को खाली कराया गया और उसके बाद आसपास की इमारतों को भी खाली कराया गया। उनके मुताबिक राहत दल के मौके पर पहुंचने के बाद भी इमारत में लगातार हलचल दर्ज की गई।

40वीं से 45वीं स्ट्रीट तक ‘फ्रोजन जोन’ क्यों घोषित किया गया?

फायर डिपार्टमेंट के ड्रोन लगातार तकनीकी तस्वीरें और जानकारी जुटा रहे हैं, जिससे अन्य एजेंसियों को स्थिति का आकलन करने में मदद मिल रही है। मंगलवार दोपहर 1 बजे तक सभी मजदूर सुरक्षित पाए गए। मौके पर फायर और इमरजेंसी मेडिकल सर्विस (EMS) के लगभग 150 कर्मी तैनात किए गए। न्यूयॉर्क पुलिस विभाग ने 40वीं से 45वीं स्ट्रीट के बीच फर्स्ट और थर्ड एवेन्यू तक पूरे इलाके को ‘फ्रोजन जोन’ घोषित कर दिया है। इस क्षेत्र में पैदल और वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई है।

ये भी पढ़ें:  नाटो समिट में ट्रंप बोले- पुतिन और जेलेंस्की दोनों चाहते हैं समाधान

 

 क्या अब इमारत को स्टील बीम का सहारा देकर बचाया जाएगा?

अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही इमारत को प्रवेश के लिए सुरक्षित माना जाएगा, इंजीनियर 21वीं मंजिल पर स्टील बीम लगाकर भार को संतुलित करने का काम शुरू करेंगे। फायर डिपार्टमेंट के अनुसार यह स्टील-फ्रेम वाली इमारत है, इसलिए यदि कोई ढहाव होता भी है तो उसके पूरे भवन के बजाय किसी सीमित हिस्से तक रहने की संभावना है। 

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

महिला एशिया कप 2026:भारत कल शुरू करेगा अभियान, थाईलैंड से है पहला मुकाबला; क्या हो सकती है प्लेइंग-11? जानें – Women’s Asia Cup 2026: India Begin Campaign Against Thailand, Consistency And Form In Focus

हमें अपने पड़ोसियों के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए:नेपाल को लेकर खरगे का पीएम मोदी को पत्र, क्या लिखा? – Congress President Mallikarjun Kharge Write Letter To Pm Modi Amit Shah Nepal Flood

इंदौर:सिरफिरे आशिक और प्रेमिका ने चौकीदार की हत्या की, पत्नी बच्चों के सामने कार से कुचला – Indore-news-security-guard-murdered-in-law-exotica-colony

लाल किला ब्लास्ट केस:12 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में एनआईए की चार्जशीट दाखिल, नौ सितंबर को अगली सुनवाई – Delhi Red Fort Blast Nia Files Charge Sheet Against 12 Accused

ब्रेकअप से खुला था पेपर लीक का राज:अब कपड़े के बैग से खुला महाराष्ट्र में फर्जी मार्कशीट रैकेट, तीन गिरफ्तार – Cloth Bag Expose Maharashtra Fake Marksheet Racket Many Arrest

एक्सप्लेनर:22,000 करोड़ कर्ज का मामला 6.5 करोड़ में निपटा, सुभाष चंद्रा मामले में कैसे चली देनदारी पर कैंची? – Subhash Chandra 22k Crore Debt Matter Settled How Was The Liability Slashed Know Case Highlights In Hindi

Leave a Comment