पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अमेरिका ने बुधवार तड़के ईरान के खिलाफ सैन्य हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिका ने यह कार्रवाई ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन वाणिज्यिक जहाजों पर हमला करने का आरोप लगाने के बाद की है। दूसरी ओर, ईरानी सरकारी मीडिया ने देश के दक्षिणी हिस्सों में कई धमाकों की जानकारी दी है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर बताया कि उसकी सेनाओं ने ईरान पर जोरदार हमले शुरू किए हैं। अमेरिका ने कहा कि ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तीन जहाजों पर हुए ईरानी हमलों के जवाब में हैं। अमेरिका ने ईरान के इस आक्रामक रवैये को अनुचित, खतरनाक और युद्धविराम का स्पष्ट उल्लंघन बताया है।
U.S. Central Command forces have begun launching a series of powerful strikes against Iran to impose heavy costs for targeting and attacking commercial shipping crewed by innocent civilians in an international waterway. The U.S. strikes are in response to Iranian attacks on three…
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 7, 2026
ईरान में हुए धमाके
अमेरिकी घोषणा के तुरंत बाद, ईरानी सरकारी मीडिया ने दक्षिणी ईरान में सिलसिलेवार धमाकों की खबर दी। मीडिया के अनुसार, दक्षिणी शहर सिरिक में सात धमाकों की आवाज सुनी गई। इसके अलावा सिरिक के ताहेरुई पियर क्षेत्र में छह मिसाइलें या गोले गिरे। ईरान के प्रेस टीवी ने बताया कि धमाकों से हुए नुकसान या किसी के हताहत होने की तत्काल कोई जानकारी नहीं मिली है। इसके अलावा दक्षिणी ईरान के केश्म द्वीप और बंदर अब्बास में भी धमाकों की आवाज सुनी गई।
हमले को लेकर ईरान की प्रतिक्रिया
हमले के बाद ईरान के विदेश मंत्रालय ने ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का विदेश मंत्रालय, अमेरिका द्वारा समझौते का उल्लंघन किए जाने के नतीजों के बारे में चेतावनी देता है। ईरान अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की रक्षा के लिए ज़रूरी कोई भी कदम उठाएगा।’
Ministry of Foreign Affairs of the Islamic Republic of Iran tweets, “… The Ministry of Foreign Affairs of the Islamic Republic of Iran, while warning of the consequences of the United States’ breach of the agreement, will take any action it deems necessary to safeguard its… pic.twitter.com/Fwl1pcLL05
— ANI (@ANI) July 7, 2026
तीन जहाजों पर हुए थे हमले
ब्रिटिश सेना के अनुसार, मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन तेल टैंकरों पर हमले हुए थे। संयुक्त राष्ट्र के अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन के अनुसार, अप्रैल के अंत के बाद से एक ही दिन में जहाजों पर हमलों का यह सबसे बड़ा मामला है। इन हमलों से वैश्विक अर्थव्यवस्था और समुद्री यातायात को सामान्य बनाने के प्रयासों को झटका लगा है।
ब्रिटिश समुद्री एजेंसी के अनुसार, ओमान के तट के पास एक लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) टैंकर पर हमला हुआ, जिससे उसमें आग लग गई। ईरानी सरकारी टीवी ने कहा कि चेतावनी की अनदेखी करने के बाद इस टैंकर पर हमला किया गया, हालांकि ईरान ने सीधे तौर पर इसकी जिम्मेदारी नहीं ली। इसके अलावा, अन्य दो जहाजों को भी नुकसान पहुंचा है, लेकिन वे अपनी यात्रा पर आगे बढ़ गए और किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
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अमेरिका ने रद्द किया तेल लाइसेंस
इन हमलों के कुछ ही घंटों बाद, अमेरिका ने ईरान को तेल प्रतिबंधों से दी गई 60 दिनों की छूट का लाइसेंस रद्द कर दिया। यह लाइसेंस पिछले महीने अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने जारी किया था, जो 21 अगस्त तक वैध था। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान की यह हरकत अस्वीकार्य है और इसके परिणामों का सामना करना होगा।
यह तनाव ऐसे समय में बढ़ा है जब अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत रुकी हुई है। अमेरिका इस बातचीत के जरिए होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खुलवाना, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकना और 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध को समाप्त करना चाहता था। बता दें कि सामान्य दिनों में दुनिया के कुल तेल और प्राकृतिक गैस का लगभग पांचवां हिस्सा इसी होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है।
हमले को लेकर ईरान की प्रतिक्रिया
हमले के बाद ईरान विदेश मंत्रालय ने ट्वीट किया जिसमें उन्होंनैे लिखा .इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान का विदेश मंत्रालय, अमेरिका द्वारा समझौते का उल्लंघन किए जाने के नतीजों के बारे में चेतावनी देते हुए, अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की रक्षा के लिए ज़रूरी कोई भी कदम उठाएगा।”

