अमेरिका ने ईरानी तेल की बिक्री की अनुमति देने वाला लाइसेंस रद्द कर दिया है। अमेरिकी वित्त विभाग ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। वित्त विभाग ने पिछले महीने 60 दिनों के लिए यह लाइसेंस जारी किया था। दोनों देशों के बीच संघर्ष खत्म करने के लिए हुए अंतरिम समझौते के तहत ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों में यह छूट दी गई थी।


हालांकि, वित्त विभाग के अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि लाइसेंस किस वजह से रद्द किया गया। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब ब्रिटिश सेना ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन तेल टैंकरों पर ड्रोन हमला किया गया। यह हाल के दिनों में इस अहम समुद्री मार्ग से गुजर रहे जहाजों पर हुआ ताजा हमला है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है।
अमेरिका-ईरान समझौते पर क्यों मंडराया खतरा?
पश्चिम एशिया में शांति बनाए रखने के उद्देश्य से अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए बातचीत भी जारी है। हालांकि, अमेरिका के इस फैसले के बाद ईरान के साथ हुए उसके हालिया समझौते पर संशय के बादल मंडराने लगे हैं। यह समझौता कितने दिन तक कायम रहेगा, इसे लेकर असमंजस बरकरार है।
इसकी एक अहम वजह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच जारी तीखी बयानबाजी है। सोमवार को ट्रंप ने ऐसा ही कुछ कहा, जिसका जवाब ईरान की ओर से आया। ईरानी विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया कि धमकियों से काम नहीं चलेगा।
‘अगर धमकियों का सिलसिला जारी रहा, तो अंतिम समझौते पर बातचीत शुरू नहीं होगी’
अब्बास अराघची ने कहा कि अगर धमकियों का सिलसिला जारी रहा, तो अंतिम समझौते पर बातचीत शुरू नहीं होगी। उन्होंने इस संबंध में अमेरिका के साथ हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के पैराग्राफ 13 का हवाला दिया। अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा,”लाखों गौरवान्वित ईरानी” सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए एकत्र हो रहे हैं।
उन्होंने कहा, “न तो ईरानी जनता और न ही हमारी बहादुर सशस्त्र सेनाएं किसी भी तरह की धमकियों से प्रभावित होंगी। अपने हस्ताक्षर का सम्मान करें।” अराघची की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका या तो ईरान के साथ समझौता करेगा या फिर “काम तमाम करेगा”।
डील होगी या होगा काम तमाम :ट्रंप
ट्रंप के मुताबिक या तो डील होगी या ईरान का काम तमाम होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक उन्हें ईरान के साथ फिर जंग नहीं चाहिए; वे सैन्य कार्रवाई नहीं चाहते हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “मैं तो ईरान के साथ डील करना चाहूंगा; मैं नहीं चाहता कि 91 मिलियन लोगों की जिंदगी प्रभावित हो। हम अगर चाहें तो एक घंटे में इनके ब्रिज उड़ा सकते हैं। हम इनकी एनर्जी सप्लाई ध्वस्त कर देंगे। इनके पास कभी बहुत पैसा होता था, लेकिन अब कुछ नहीं है। हमने इन्हें एक पैसा नहीं दिया है।”
