ईरान इन दिनों अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की मौत का शोक मना रहा है. देश में खामेनेई के शव के साथ जुलूस निकाला जा रहा है. खामेनेई का अंतिम संस्कार जुलूस शिया धार्मिक शिक्षा के केंद्र वाले शहर ‘कोम’ पहुंचा है. अहम बात यह है कि अब उनका शव उस देश जाएगा, जिसके साथ 8 सालों तक खूनी जंग हुई. ईरान खामेनेई के शव को इराक ले जाएगा और इसकी दुनियाभर में चर्चा है.
सोमवार (6 जुलाई) देर रात शोक मनाने वाले लोग खामेनेई को श्रद्धांजलि देने के लिए जमकरण मस्जिद के आस-पास बड़ी संख्या में जमा हुए. सरकारी टेलीविजन के मुताबिक, मंगलवार को उन्हें वहां श्रद्धांजलि दी जाएगी. इससे पहले सोमवार को, खामेनेई के अंतिम संस्कार के जुलूस के लिए काले कपड़े पहने शोक मनाने वाले लोग ईरान की राजधानी तेहरान में बड़ी संख्या में जमा हुए. वहां लोगों की भीड़ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मौत की मांग कर रही थी.
इराक जाएगा खामेनेई का शव
खामेनेई का पार्थिव शरीर 8 जुलाई को इराक जा सकता है. इस दौरान उन्हें शियाओं के पवित्र शहर नजफ और कर्बला में धार्मिक नेता श्रद्धांजलि देंगे. अहम बात यह है कि ईरान और इराक के बीच 8 सालों तक युद्ध चला. दोनों देश 1980 से 1988 तक खूनी संघर्ष में शामिल रहे. इराक के तत्कालीन राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन ने ईरान पर 1980 में अटैक कर दिया था. ईरान में 1979 में एक क्रांति हुई थी, सद्दाम को खौफ था कि यह क्रांति कहीं इराक के शिया बहुल इलाके में न पहुंच जाए.

ट्रंप को पोस्टर को लोगों ने मारे पत्थर
ईरान के कोम शहर की जमकरन मस्जिद में भारी संख्या में लोग जुटे हैं. खामेनेई का पार्थिव शरीर करबला (इराक) ले जाने से पहले इसी मस्जिद में रखा जाएगा. इसके बाद 9 जुलाई को गृह शहर मशहद में दफनाया जाएगा. खामेनेई के जनाजे के दौरान ट्रंप के पोस्टर पर लोग पत्थर मार रहते दिखे. अहम बात यह भी है कि यह ठीक वैसा ही नजारा था, जैसा कि मक्का-मदीना में शैतान को पत्थर मारते वक्त दिखता है.
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