पाकिस्तान को लेकर सिंगापुर के पूर्व वरिष्ठ राजनयिक बिलहारी कौसिकन का एक बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है. उन्होंने 1991 में हुए सिंगापुर एयरलाइंस विमान अपहरण की घटना का जिक्र करते हुए पाकिस्तान की राजनीति, सेना और शासन व्यवस्था पर तीखा हमला बोला. कौसिकन ने कहा कि पाकिस्तान अपनी गलत नीतियों के कारण लंबे समय से विफलता की कगार पर खड़ा है.
1991 के विमान अपहरण का सुनाया किस्सा
एक वैश्विक सम्मेलन में बोलते हुए बिलहारी कौसिकन ने बताया कि 26 मार्च 1991 को सिंगापुर एयरलाइंस की फ्लाइट SQ117 का चार पाकिस्तानी आतंकियों ने अपहरण कर लिया था. विमान में 114 यात्री और 11 क्रू सदस्य सवार थे. अपहरणकर्ताओं की मुख्य मांग तत्कालीन पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो से बात करने की थी.
‘मैडम सो रही हैं, उन्हें परेशान नहीं किया जा सकता’
कौसिकन ने बताया कि बातचीत के दौरान उन्होंने रात करीब तीन बजे पाकिस्तान के उच्चायोग की मदद से बेनजीर भुट्टो के आवास का नंबर हासिल किया. काफी कोशिशों के बाद अंग्रेजी बोलने वाले एक व्यक्ति से बात हुई, लेकिन जवाब मिला, “मैडम सो रही हैं, उन्हें परेशान नहीं किया जा सकता.” यह सुनते ही उन्होंने फोन काट दिया.
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कमांडो ऑपरेशन में मारे गए सभी अपहरणकर्ता
कौसिकन ने बताया कि बातचीत से कोई समाधान नहीं निकला. इसके बाद सिंगापुर के विशेष कमांडो विमान में घुसे और सभी चार अपहरणकर्ताओं को मार गिराया. इस कार्रवाई में सभी यात्रियों और चालक दल को सुरक्षित बचा लिया गया. उन्होंने कहा कि आज तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि अपहरणकर्ताओं की वास्तविक मांग क्या थी, क्योंकि सभी मारे गए थे.
पाकिस्तान पर तीखी टिप्पणी
पूर्व राजनयिक ने कहा कि पाकिस्तान की समस्याओं के लिए उसकी भौगोलिक स्थिति नहीं, बल्कि दशकों से चली आ रही खराब राजनीतिक व्यवस्था, आर्थिक कुप्रबंधन और सेना की भूमिका जिम्मेदार है. उनके अनुसार पाकिस्तान लंबे समय से “विफल राष्ट्र” बनने की कगार पर है और कट्टरपंथी संगठनों पर नियंत्रण न होने से हालात और गंभीर हुए हैं.
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परमाणु हथियारों पर भी दिया बयान
कौसिकन ने कहा कि दुनिया पाकिस्तान को मुख्य रूप से उसके परमाणु हथियारों की वजह से गंभीरता से लेती है. उनका दावा था कि यदि पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार नहीं होते, तो अंतरराष्ट्रीय समुदाय उसकी ओर उतना ध्यान भी नहीं देता.
