Rajasthan Board 10th Result soon : राजस्थान बोर्ड के 10.68 लाख से अधिक बच्चों के लिए बड़ी अपडेट है। (Image source : X/rajeduofficial)
राजस्थान बोर्ड 10वीं के फाइनल नतीजे आज आएंगे या नहीं? इस सवाल के जवाब का इंतजार बोर्ड के 10.68 लाख से अधिक बच्चों और उनके पेरेंट्स को है। राजस्थान बोर्ड 10वीं क्लास के नतीजों को लेकर बोर्ड सचिव गजेंद्र सिंह राठौर ने बड़ी अपडेट दी है। इस साल 12 से 28 फरवरी के बीच हुई बोर्ड परीक्षा में शामिल बच्चे यहां डिटेल चेक कर सकते हैं।
बोर्ड सचिव की ओर से जानकारी सामने आई है कि आज यानी 20 मार्च को RBSE 10वीं का रिजल्ट जारी नहीं करेगा। इससे पहले 11 मार्च के आसपास हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सचिव गजेन्द्र सिंह राठौड़ ने 20 मार्च तक सैकण्डरी यानी 10वीं क्लास के नतीजे जारी करने के संकेत दिए थे। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया था कि साल 2027 में सैकण्डरी क्लास की बोर्ड परीक्षाएं दो बार आयोजित की जाएगी।
बताया जा रहा है कि अभी कॉपियों की जांच और बाकी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी नहीं हो पाई हैं। अब उम्मीद है कि रिजल्ट की नई तारीख सोमवार को घोषित की जाएगी। नतीजों की घोषणा के बाद इस बार परीक्षा में शामिल हुए बच्चे अपना 10वीं का रिजल्ट और मार्कशीट बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाकर देख और डाउनलोड कर सकेंगे। जो छात्र इस साल परीक्षा में शामिल हुए थे, उन्हें अब अगले हफ्ते तक रिजल्ट आने की उम्मीद रखनी चाहिए।
इस साल 10वीं की परीक्षाएं 12 फरवरी से 28 फरवरी के बीच 9 दिनों तक चली थीं। पेपर सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक हुए, जबकि परीक्षा केंद्र में एंट्री 8:15 बजे से मिलती थी। हर पेपर की अवधि 3 घंटे 15 मिनट थी। पिछले कुछ सालों में राजस्थान बोर्ड 10वीं के रिजल्ट की तारीखें अलग-अलग रही हैं। 2025 में रिजल्ट 28 मई को आया था, 2024 में 29 मई को। इससे पहले 2023 में 2 जून और 2022 में 13 जून को नतीजे घोषित हुए थे। कोरोना के समय 2021 में 30 जुलाई और 2020 में 28 जुलाई को रिजल्ट जारी हुआ था। उससे पहले 2019 में 3 जून और 2018 में 11 जून को नतीजे आए थे। ऐसे में अगर इस बार मार्च में रिजल्ट आता, तो यह पिछले सालों के मुकाबले काफी जल्दी होगा।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इस साल करीब 10,68,078 छात्रों ने 10वीं परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था, जबकि 7,811 छात्रों ने प्रवेशिका परीक्षा के लिए आवेदन किया था। पूरे राजस्थान में 6,195 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा के दौरान 10वीं और 12वीं के करीब 175 पेपर आयोजित किए गए।
परीक्षा को नकल मुक्त और व्यवस्थित रखने के लिए बोर्ड ने शिक्षा विभाग के साथ मिलकर उड़नदस्ते (फ्लाइंग स्क्वॉड) तैनात किए थे। करीब 150 संयुक्त निदेशक और जिला शिक्षा अधिकारी पूरे सिस्टम की निगरानी कर रहे थे, जबकि शिकायतों के लिए अलग टीम बनाई गई थी, जो अचानक निरीक्षण भी करती थी।
बोर्ड मुख्यालय पर एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया था, जहां बड़ी स्क्रीन और करीब 30 लैपटॉप के जरिए सभी केंद्रों की निगरानी की गई। 167 केंद्रों पर 274 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इसके अलावा, परीक्षा से जुड़ी समस्याओं के तुरंत समाधान के लिए अलग कंट्रोल रूम में 5 टेलीफोन लाइन भी उपलब्ध थीं। कॉपी जांच को सुरक्षित और तेज बनाने के लिए 66 कलेक्शन सेंटर बनाए गए थे, जहां उत्तर पुस्तिकाएं रखी गईं। वहीं मूल्यांकन प्रक्रिया को तेज करने के लिए केंद्रीकृत मूल्यांकन केंद्र बनाए गए, जहां करीब 30,915 शिक्षकों ने कॉपियां जांचने का काम किया।
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