नेपाल सरकार राष्ट्रीय सेवा दल से जुड़ा नया कानून लाने की तैयारी में है। इसके तहत किसी भी नेपाली नागरिक को प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। जरूरत पड़ने पर प्रशिक्षित लोगों को राष्ट्र सेवा के लिए स्वयंसेवक के रूप में तैनात किया जा सकेगा। रक्षा मंत्री का कार्यभार भी संभाल रहे प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (बालेन) ने यह विधेयक संघीय संसद सचिवालय में पंजीकृत कराया है।
इस विधेयक के उद्देश्य स्पष्ट करते हुए कहा गया है कि विद्यार्थियों में देशभक्ति, जनसेवा और राष्ट्रीय एकता की भावना विकसित की जाएगी। उन्हें नैतिक, अनुशासित और जिम्मेदार नागरिक बनाने पर भी जोर दिया जाएगा। विधेयक में कहा गया है कि राष्ट्रीय आवश्यकता के अनुसार किसी भी नेपाली नागरिक को प्रशिक्षण देकर राष्ट्र सेवा के लिए तैयार किया जा सकेगा। इसमें नेतृत्व क्षमता बढ़ाने और विकास व निर्माण कार्यों के लिए स्वयंसेवकों का समूह तैयार करने का भी प्रावधान है।
सेवा दल के प्रमुख संरक्षक होंगे प्रधानमंत्री
प्रस्ताव के अनुसार प्रधानमंत्री सेवा दल के प्रमुख संरक्षक और रक्षा मंत्री संरक्षक होंगे। नेपाल सरकार, प्रधान सेनापति की सिफारिश पर अवकाश प्राप्त उपरथियों में से एक को दो वर्ष के लिए कार्यकारी महानिदेशक नियुक्त करेगी। विधेयक में कहा गया है कि विशेष परिस्थितियों, युद्ध या आंतरिक संघर्ष के समय किसी भी नेपाली नागरिक को प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।
प्रशिक्षण पूरा करने वाले विद्यार्थियों और अन्य नागरिकों को मंत्रिपरिषद के तय नियमों के अनुसार राष्ट्र सेवा में लगाया जा सकेगा। कक्षा 8 से 10 तक के विद्यार्थियों को जूनियर और कक्षा 11-12 के विद्यार्थियों को सीनियर डिवीजन में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए आवश्यक प्रशिक्षक नेपाली सेना उपलब्ध कराएगी।


