मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री राजू कुमार सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में गैर इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले में शुक्रवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई पूरी होनी है। सुनवाई के बाद अदालत उनके खिलाफ सजा का ऐलान कर सकती है। इससे पहले अदालत ने वर्ष 2018 के न्यू ईयर समारोह के दौरान हुई एक महिला चिकित्सक की मौत के मामले में राजू कुमार सिंह को दोषी करार दिया था। दोषसिद्धि के बाद अदालत ने सजा पर सुनवाई के लिए 3 जुलाई की तारीख तय की थी।
अधिवक्ताओं ने कोर्ट से मांगी राहत
राजू कुमार सिंह की ओर से अदालत में उनके अधिवक्ताओं ने अच्छे आचरण का हवाला देते हुए सजा में रियायत देने की अपील की है। मुजफ्फरपुर में उनके अधिवक्ता विनोद कुमार सिंह ने बताया कि गैर इरादतन हत्या के मामले में अधिकतम 10 वर्ष के कारावास का प्रावधान है, जबकि न्यूनतम सजा तय नहीं है। उन्होंने कहा कि सजा की अवधि तय करना अदालत के विवेक पर निर्भर करता है। बचाव पक्ष ने अदालत से विधायक के अब तक के आचरण को ध्यान में रखते हुए नरमी बरतने का अनुरोध किया है।
क्या है पूरा मामला?
मामला 31 दिसंबर 2018 का है। आरोप है कि दिल्ली में आयोजित न्यू ईयर पार्टी के दौरान राजू कुमार सिंह द्वारा की गई फायरिंग में डॉ. अर्चना गुप्ता के सिर में गोली लग गई थी। गंभीर रूप से घायल डॉ. गुप्ता को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान दो दिन बाद उनकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद मृतका के परिजनों ने राजू कुमार सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। करीब सात वर्ष तक चली सुनवाई के बाद राउज एवेन्यू कोर्ट ने हाल ही में उन्हें गैर इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट से संबंधित धाराओं में दोषी करार दिया।
ये भी पढ़ें- Bihar: 10 बार शादी का रिश्ता टूटने से टूटी युवती, फंदे से लटककर दी जान; सामने आई ये वजह
अब अदालत सजा के बिंदु पर अंतिम निर्णय सुनाएगी। इस मामले पर राजनीतिक और कानूनी हलकों की नजर बनी हुई है।

