लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

‘होर्मुज से टोल का ख्याल निकाल दे ईरान, बड़ा सोचे…’, दोहा में हुई बातचीत में अमेरिका ने तेहरान को समझाया

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

अमेरिका और ईरान ने कतर के दोहा में बातचीत का एक दौर पूरा किया, इसमें मुख्य रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बात की गई. एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, हालांकि दोनों पक्षों की ओर से इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है कि क्या स्थायी शांति की दिशा में कोई प्रगति हुई है. इसके अलावा पिछले महीने दोनों देशों के बीच साइन हुए MoU की शर्तों पर भी मंथन किया गया. 

एक्सियोस ने सूत्रों के हवाले से बताया कि जिन मुख्य मुद्दों पर चर्चा हुई, उनमें होर्मुज स्ट्रेट, ईरान की फ्रीज की गई संपत्ति और लेबनान में युद्धविराम शामिल है. होर्मुज को लेकर अमेरिकी दूत स्टीव विटकोफ और जेरेड कुशनर ने ईरानी पक्ष को यह समझाने की कोशिश की कि होर्मुज में टोल की उनकी मांग पूरी अमेरिका-ईरान डील को पटरी से उतार सकती है, जिससे तेहरान को कहीं अधिक नुकसान हो सकता है.

एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ईरान को अमेरिका ने बड़ा सोचने का संदेश दिया है. अधिकारी ने आगे कहा कि अमेरिका द्वारा ईरान के उत्पादों से प्रतिबंध हटाने के बाद, तेल और अन्य संसाधनों को खुलकर बेचने से ईरान को जो कमाई होगी, वह टोल वसूलने के लिए गैंगस्टर जैसे तरीके अपनाने की तुलना में उनके लिए 100 गुना ज्यादा फायदेमंद होगी. 

नया शिपिंग रूट शुरू करने से बिगड़ी स्थिति
हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच हुई गोलीबारी को देखते हुए दोहा में हुई बातचीत में होर्मुज के आस-पास के हालात अहम मुद्दा थे. ओमान के तट के पास होर्मुज में एक नया शिपिंग रूट शुरू करने से स्थिति और बिगड़ गई और पिछले हफ्ते ईरान ने कई कमर्शियल जहाजों पर हमले किए.

MoU की 60 दिन की अवधि कब पूरी होगी
पिछले कुछ महीनों में तेहरान ने ओमान के साथ मिलकर इस स्ट्रेट पर अधिकार जमाने की कईं कोशिशें की हैं. ईरान ने कहा है कि MoU की 60 दिन की अवधि खत्म होने के बाद दोनों देश होर्मुज जलडमरूमध्य का प्रबंधन करेंगे और वहां से गुजरने वाले जहाजों से फीस की मांग करेंगे. यह 60 दिन की अवधि पिछले महीने MoU पर हस्ताक्षर होने के तुरंत बाद शुरू हुई थी और इसका मकसद अमेरिका और ईरान के बीच विवाद खत्म करने के लिए अंतिम समझौते तक पहुंचना है. इसके लिए समय-सीमा 18 अगस्त है.

MoU को लेकर भी मतभेद
एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों में MoU को लेकर भी मतभेद रहे हैं. अमेरिका का कहना है कि जलडमरूमध्य में किसी भी नई व्यवस्था को गल्फ देशों की भी मंजूरी मिलनी चाहिए. वहीं तेहरान का कहना है कि होर्मुज उनके क्षेत्र में आता है, इसलिए खाड़ी देश अपनी राय तो रख सकते हैं, लेकिन अंतिम फैसला सिर्फ ईरान ही करेगा.

ये भी पढ़ें 

यूक्रेन पर रूस का बड़ा हमला, कीव में 28 जगह धमाके; ड्रोन कॉम्पलेक्स और एयरबेस को बनाया निशाना

]
Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

‘भारत गंदा, वहां होती तो…’, ये क्या बोल गईं इंदिरा नूई, चीन की खूब की तारीफ, मचा बवाल

अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगी महबूबा मुफ्ती, बोलीं- ‘इंशा अल्लाह…’

2 देशों से गुजरेगा अयातुल्लाह अली खामेनेई का अंतिम संस्कार जुलूस, जानें कहां किया जाएगा सुपुर्द ए खाक

रक्षा, ऊर्जा, AI में भारत-जापान के बीच हुए बड़े समझौते, PM मोदी ने जापानी प्रधानमंत्री ताकाइची को बताया अपनी छोटी बहन

Explained: भारत-पाकिस्तान के रिश्ते सुधरना कितना मुमकिन? क्यों यह आसान काम नहीं रहा, इससे हमें क्या फायदा?

वेनेजुएला में लाल हुआ पूरा आसमान, वायरल VIDEO देख सहमे लोग; आखिर क्या है इस रहस्यमयी नजारे का सच?

Leave a Comment