ईरान ने बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने का निमंत्रण दिया है. 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के हमलों में मारे गए खामेनेई का अंतिम संस्कार अगले सप्ताह होगा. ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया था.
भारत की तरफ से कौन होगा शामिल?
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन अगले हफ्ते आयतुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत की ओर से शामिल हो सकते हैं. खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम पांच से नौ जुलाई तक आयोजित किए जाएंगे. अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम 5, 6 और 7 जुलाई को तेहरान और कोम में आयोजित किए जाएंगे.

खामेनेई की अंतिम सलामी का कार्यक्रम
ईरान की सरकारी मीडिया आईआरएनए के मुताबिक, अंतिम संस्कार में 1.2 करोड़ से 2 करोड़ लोगों के शामिल होने का अनुमान है. इस कारण पूरे तेहरान में सुरक्षा, परिवहन, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं के विशेष इंतजाम किए गए हैं. शहर में कई मार्गों पर वाहनों की आवाजाही भी सीमित रहेगी.
ईरानी मीडिया के मुताबिक, 4 और 5 जुलाई को तेहरान के इमाम खुमैनी मोसाला प्रार्थना हॉल में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इसके बाद 6 और 7 जुलाई को राजधानी तेहरान और मध्य ईरान के शहर कोम में अंतिम यात्रा निकाली जाएगी. इसके बाद 9 जुलाई को उत्तर-पूर्वी शहर मशहद में अंतिम संस्कार का आखिरी कार्यक्रम होगा. उसी दिन दिवंगत नेता को शिया मुसलमानों के आठवें इमाम, इमाम रजा के पवित्र दरगाह परिसर में दफनाया जाएगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खामेनेई की मौत की घोषणा की थी. खामेनेई 86 साल के थे और पिछले 36 वर्षों से ईरान पर मजबूत पकड़ के साथ शासन कर रहे थे. ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि अमेरिका-इजरायल के हमलों में खामेनेई के चार रिश्तेदार भी मारे गए थे. इनमें उनकी बेटी, एक नाती/पोता और उनके दामाद भी शामिल थे.
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