- ईरान ने अमेरिका के साथ सीधी बातचीत की संभावना खारिज की।
- उप विदेश मंत्री ने कतर में बैठक की खबरों का खंडन किया।
- उन्होंने कहा, तकनीकी बातचीत के लिए परिस्थितियां अनुकूल होनी चाहिए।
अमेरिका के साथ पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए ईरान के शांति समझौते के ज्ञापन (MoU) पर साइन करने के बाद भी दोनों पक्षों के बीच तनाव अब तक बरकरार है. इस बीच ईरान की सरकार के एक शीर्ष मंत्री ने अमेरिका के साथ शांति स्थापित करने के लिए जारी बातचीत को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. ईरानी नेता ने कहा है कि इस हफ्ते अमेरिका के साथ सीधे बातचीत करने का कोई प्लान नहीं है.
अमेरिका के साथ बातचीत पर क्या बोले ईरान के उप विदेश मंत्री?
दरअसल, ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने इस संबंध में टेलीग्राम चैनल पर एक आधिकारिक बयान जारी किया है. इस बयान में उन्होंने कहा कि इस हफ्ते कतर में अमेरिकी अधिकारियों के साथ तकनीकी टीमों की किसी प्रत्यक्ष बैठक की फिलहाल कोई योजना नहीं है.
उन्होंने कहा, ‘कतर के साथ बातचीत सामान्य रूप से लगातार जारी है, जिसमें दूसरे पक्ष की तरफ से किए गए वादों के क्रियान्वयन पर चर्चा भी शामिल है. हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में यह खबर सामने आई है कि दोहा में वर्किंग ग्रुप्स की तकनीकी बातचीत होगी, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती है.’
जब परिस्थितियां सही होंगी, तभी बातचीत होगी- गरीबाबादी
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा, ‘निर्धारित वर्किंग ग्रुप्स के फ्रेमवर्क के तहत तकनीकी बातचीत का पहला दौर तभी आयोजित किया जाएगा, जब जरूरी परिस्थितियां अनुकूल होंगी और तारीख के साथ स्थान को लेकर सहमति बन जाएगी. इस संबंध में मध्यस्थ देशों के माध्यम से बातचीत जारी है.’
इससे पहले अलजजीरा ने एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें कहा गया था कि अमेरिका और ईरान के बीच मंगलवार (30 जून, 2026) को कतर की राजधानी दोहा में बातचीत होने की संभावना है. हालांकि, ईरान के शीर्ष नेतृत्व की तरफ से इस मामले में जारी किए गए ताजा आधिकारिक बयान के बाद इस संभावना पर फिलहाल विराम लग गया है.
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