केंद्र सरकार ने हाल ही में एक बड़े बदलाव का एलान किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए एक नोटिफिकेशन के जरिए अब देश में अलग-अलग तरह की कई दवाओं-टीकों को क्यूआर कोड आधारित निगरानी तंत्र में लाने के निर्देश दिए गए हैं। यानी सरकार ने अब एक ऐसा ढांचा खड़ा करने की तरफ कदम बढ़ाए हैं, जिसके जरिए हर एक मरीज तक पहुंचने वाली दवाओं की जानकारी न सिर्फ सरकार के पास उपलब्ध हो, बल्कि इससे जुड़ी डीटेल्स को खुद ग्राहक भी देख सकें।

ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर सरकार की तरफ से हालिया समय में कानून में क्या बदलाव किया गया है? दवाओं पर क्यूआर कोड लगाकर इसकी निगरानी का तंत्र काम कैसे करेगा? इन बदलावों को लागू करने की जरूरत क्यों है और इसके पीछे सरकार की क्या मंशा है? इस व्यवस्था को लागू करने में क्या चुनौतियां आ सकती हैं? आइये जानते हैं…

