राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सोमवार को पुलिस ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपत राय का बयान दर्ज किया। इसके साथ ही ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा, गोपाल राव और अन्य संबंधित लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा गया है। इस दौरान पुलिस ने चढ़ावे के संग्रह, सुरक्षा, बैंक में जमा कराने और निगरानी की पूरी व्यवस्था से संबंधित पड़ताल की है।
सूत्रों के अनुसार, चढ़ावा चोरी के मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों की भूमिका तक सीमित रहने के बजाय पुलिस पूरे प्रशासनिक और वित्तीय तंत्र की पड़ताल कर रही है। इसी मंशा के तहत पुलिस ने करीब 70 से 80 लोगों को नोटिस भेजा है, जिनमें ट्रस्ट से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी और अन्य लोग शामिल हैं। इसके अलावा लगभग 140 गवाहों के बयान दर्ज करने की तैयारी है, ताकि घटनाक्रम की पूरी शृंखला स्थापित की जा सके।
ये भी पढ़ें – चढ़ावा चोरी के आरोपियों से पुलिस ने पूछा- तीन साल में क्या-क्या खरीदा? संपत्ति की हो रही जांच
ये भी पढ़ें – राम मंदिर चढ़ावा चोरी: दर्शन पास में भी होता था खेल, विरोध करने वाले कर्मियों को बनना होता था कोप का भाजन
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने चंपत राय से प्रशासनिक निर्णयों, चढ़ावा प्रबंधन, कर्मचारियों की जवाबदेही और शिकायतों के निस्तारण से जुड़े कई बिंदुओं पर सवाल पूछे। उनके बयान का मिलान अन्य गवाहों और उपलब्ध दस्तावेजों से किया जाएगा। इसके बाद आवश्यकता पड़ने पर उनसे दोबारा पूछताछ की जा सकती है। हालांकि, पूछताछ में सामने आए तथ्यों को तो पुलिस ने उजागर नहीं किया।
नियुक्ति प्रक्रिया भी जुटाई जानकारी
सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने मंदिर से जुड़े कुछ कर्मचारियों की नियुक्ति और सत्यापन प्रक्रिया को लेकर भी जानकारी जुटाई है। कई लोगों के सीडीआर खंगाले गए हैं, जिनसे भी कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस फिलहाल किसी भी व्यक्ति की भूमिका पर अंतिम निष्कर्ष देने से बच रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी संबंधित पक्षों के बयान, दस्तावेज, सीसीटीवी फुटेज और वित्तीय रिकॉर्ड का मिलान करने के बाद ही आगे की कार्रवाई और जिम्मेदारी तय की जाएगी।


