राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। सोमवार को जांच टीम तुलसी उद्यान स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की उस शाखा पहुंची, जहां राम मंदिर के चढ़ावे की रकम जमा होती रही है। पुलिस ने बैंक अधिकारियों से पूछताछ कर चढ़ावा जमा करने की पूरी प्रक्रिया, संबंधित दस्तावेजों और बैंकिंग रिकॉर्ड की जानकारी जुटाई है।
राम मंदिर की दान पेटिकाओं से चढ़ावा चोरी के मामले में एसआईटी के अलावा पुलिस ने भी जांच शुरू की है। रविवार को आरोपियों के घर पर छापा मारकर उनके बैंक संबंधी कागजात खंगाले गए थे। उन्हीं की पड़ताल के लिए सोमवार को पुलिस की अलग-अलग टीमों ने संबंधित बैंकों में जाकर जांच और पूछताछ की है। थाना रामजन्मभूमि के प्रभारी सुमित श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक टीम तुलसी उद्यान स्थित एसबीआई गई। सुबह 10:30 बजे से लगभग एक घंटे तक टीम ने वहां पर जांच और पूछताछ की।
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सूत्रों के अनुसार पुलिस ने जानकारी जुटाई कि मंदिर से बैंक तक नकदी किस प्रक्रिया के तहत पहुंचती थी, उसे जमा कराने कौन-कौन कर्मचारी आते थे और बैंक में जमा होने के दौरान निर्धारित नियमों का पालन किया जाता था या नहीं। इस दौरान बैंक के रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज भी खंगाले गए। वहीं, पुलिस ने चोरी के आरोपियों के बैंक खातों की विस्तृत जानकारी जुटाने के लिए संबंधित बैंकों से संपर्क किया है।
व्यवस्था से जुड़े बैंक अधिकारियों के भूमिका भी जांच
खातों की स्टेटमेंट, लेन-देन और अन्य वित्तीय विवरण मांगे गए। जांच प्रभावित न हो, इसके लिए आरोपियों के बैंक खाते फ्रीज कराने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसियां अब चोरी की रकम के पूरे मनी ट्रेल को खंगाल रही हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि रकम किन खातों में गई, उसका इस्तेमाल कहां हुआ और कहीं उसे अन्य लोगों के खातों में स्थानांतरित तो नहीं किया गया। बैंकिंग व्यवस्था और उससे जुड़े अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। बैंक रिकॉर्ड और आरोपियों के बयानों का मिलान कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

