राम मंदिर में चढ़ावा चोरी:सुबूत डिलीट, फोन फॉर्मेट, रकम ठिकाने लगाने को किया ये काम; मिले चौंकाने वाले तथ्य – Ayodhya Ram Mandir Donation Scam Evidence Deleted Phone Formatted Attempt To Dispose Of The Money
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में पुलिस की शुरुआती जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। टिन्नू यादव व अन्य आरोपियों ने मोबाइल से तमाम सुबूत नष्ट कर दिए थे। वहीं रकम ठिकाने लगाने की जद्दोजहद में जुटे थे। इसके लिए उनको काफी मौका भी मिला। खासकर टिन्नू को जो घटना के कई दिनों तक खुलेआम घूमता रहा था। अब सभी परतें खुल रही हैं। एसआईटी जांच में भी ये तथ्य सामने आए हैं।
पुलिस ने बृहस्पतिवार शाम को एफआईआर दर्ज की थी। शुक्रवार को आरोपी टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, रमाशंकर मिश्रा, करुणेश, अवनीश शुक्ला व गणना इंचार्ज सुभाष श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने जब आरोपियों के मोबाइल खंगाले तो पता चला कि तमाम डाटा गायब है।
2 of 21
राम मंदिर
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खासकर व्हाट्सअप आदि का। यहां तक कि कई ने अपने मोबाइल फोन फॉर्मेट तक कर दिए थे जिससे वह पकड़े न जाएं और पकड़े जाएं तो बचने की संभावना रहे। चूंकि आरोपियों ने बड़ी रकम पार की थी इसलिए अब वह उसको ठिकाने लगाने में जुटे थे।
3 of 21
राम मंदिर
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके लिए उनको काफी समय भी मिला था। क्योंकि मामले का खुलासा छह जून को हुआ था और छह दिनों तक ट्रस्ट के पदाधिकारी ही जांच पड़ताल करते रहे थे। इस दौरान आरोपी किसी तरह से बचने की फिराक में लगे थे। अब पुलिस पूरे सुबूत जुटा रही है। ये सभी तथ्य एसआईटी की भी जांच में आए हैं। जिनको पुलिस ने अपनी विवेचना में शामिल किया है।
4 of 21
राम मंदिर में प्रवेश करती एसआईटी की टीम
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ
मामले में बैंक अधिकारी व कई कर्मचारी भी रडार पर हैं। उनकी गणना प्रक्रिया में प्रमुख जिम्मेदारी रहती थी। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने इन सभी से पूछताछ शुरू कर दी है। जो सुबूत मिले हैं, उनकी तस्दीक की जा रही है। जल्द इनमें से कई गिरफ्तार किए जाएंगे।
5 of 21
राम मंदिर
– फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
आरोपियों से जुड़े 30 से अधिक लोग रडार पर
टिन्नू एंड गैंग ने मंदिर में पूरा जाल फैला रखा था। जो चाहते थे वही करते थे। कोई भी रोकने टोकने वाला नहीं था। उनके संपर्क के करीब तीस लोग पुलिस की रडार पर हैं। सभी की भूमिका की जांच की जा रही है।