प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से भाजपा ने 2027 विधानसभा चुनाव का बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। पार्टी ने महानगर अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष के साथ ही काशी क्षेत्र के अध्यक्ष जैसे अहम संगठनात्मक पद पिछड़े वर्ग के नेताओं के हाथों में सौंप दिए। भाजपा इसे सिर्फ संगठनात्मक बदलाव नहीं बल्कि गैर यादव पिछड़ा वर्ग को पार्टी के साथ और मजबूती से जोड़ने की रणनीति बता रही।
पार्टी कह रही है कि यही समाजवादी पार्टी के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की असली राजनीतिक काट है। ऐसा पहली बार हुआ है जब जिले और काशी क्षेत्र के तीनों बड़े संगठनात्मक पद ओबीसी को दिए गए हैं। अशोक चौरसिया से पहले दिलीप पटेल काशी क्षेत्र के अध्यक्ष थे। दिलीप से पहले महेश श्रीवास्तव अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे थे।