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LPG Rate Today: घरेलू रसोई गैस की कीमत आज बढ़ी है क्या? फटाफट चेक करें देश भर में एलपीजी का लेटेस्ट रेट

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LPG Rate Today on June 25: आज देश भर में पूरे भारत में LPG (एलपीजी) की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं. 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG की कीमतों में बीते 7 जून को 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी, जिससे दिल्ली में इसकी कीमत बढ़कर 942 रुपये हो गई थी. वहीं, कमर्शियल LPG की कीमतों में आखिरी बार 1 जून को 42 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी, तब से कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. 

शहरवार LPG की कीमतें

शहर  घरेलू सिलेंडर की कीमत कमर्शियल सिलेंडर की कीमत
दिल्ली  942.0 रुपये 3113.5 रुपये
मुंबई 941.5 रुपये  3067.5 रुपये
कोलकाता 968.0 रुपये 3256.0 रुपये
चेन्नई  957.5 रुपये  3283.0 रुपये
बेंगलुरु 944.5 रुपये  3198.0 रुपये
अमृतसर 983.0 रुपये  3220.0 रुपये
नोएडा 939.50 रुपये 3113.50 रुपये
गाजियाबाद 939.50 रुपये 3113.50 रुपये
पटना 1031.5 रुपये 3400.5 रुपये

क्यों बढ़ी गैस सिलेंडर की कीमतें?

भारत अपनी जरूरत का 60% से अधिक एलपीजी दूसरे देशों से आयात करता है. ऐसे में वैश्विक बाजारों में हलचल का सीधा और तुरंत असर देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ता है. भारत में एलपीजी का इम्पोर्ट कॉस्ट ग्लोबल बेंचमार्क ‘सऊदी अरामको कॉन्ट्रैक्ट प्राइस’ से तय होती है.

पश्चिम एशिया में जारी संकट के चलते फरवरी के बाद से इस ग्लोबल बेंचमार्क में लगभग 46% तक का इजाफा हुआ है. ऊपर से होर्मुज (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी के चलते सप्लाई चेन पर भी बहुत बुरा असर पड़ा है. यही वजह है कि भारत में गैस का अयात अप्रैल महीने में घटकर सिर्फ 6.96 लाख टन रह गया, जो आमतौर पर करीब 20 लाख प्रति टन महीना होता है. 

कब तक घट सकते हैं दाम?

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई कमी के बावजूद एलपीजी की कीमतों में तुरंत कोई गिरावट नहीं आएगी. इसमें कम से कम 3-6 महीने का वक्त लग सकता है.

मौजूदा अंतर्राष्ट्रीय कीमतों के हिसाब से एक सिलेंडर की वास्तविक लागत 1600 रुपये के आसपास बैठती है, लेकिन दिल्ली में एक घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 942 रुपये है. यानी कि कीमतों में जितना अंतर आ रहा है वह तेल कंपनियां खुद उठा रही हैं.

इसी अंतर की वजह से चालू वित्त वर्ष में तेल कंपनियों को कुल 60000 करोड़ रुपये तक का घाटा होने का अनुमान है. जब तक इस घाटे का स्तर कम नहीं हो जाता और सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (Saudi CP) में भी कमी नहीं आ जाती, तब तक कंपनियां कीमतें कम करने की स्थिति में नहीं होंगी. 

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