लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

केतन अग्रवाल हत्याकांड:महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष ने उठाए सवाल, स्पीकर का सरकार को Sit जांच का आदेश – Maharashtra Pune Realtor Ketan Agrawal Murdercase Assembly Sit Probe Order

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या का मामला अब महाराष्ट्र विधानसभा में पहुंच गया है। सदन के पीठासीन अधिकारी राजू खरे ने सरकार को बड़ा निर्देश दिया है। उन्होंने इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) बनाने को कहा है।

मंगेतर ने ही उतारा मौत के घाट

यह पूरी घटना बेहद चौंकाने वाली है। 26 साल के केतन अग्रवाल की शादी तय हो चुकी थी। नवंबर में राजस्थान के उदयपुर के एक महल में उनका विवाह होने वाला था। उनकी मंगेतर का नाम सिया गोयल है। पुलिस के मुताबिक, सिया का चेतन चौधरी नाम के युवक से प्रेम प्रसंग था। इन दोनों ने मिलकर 18 जून को केतन को पुणे के लोहागढ़ किले के पास बुलाया। वहां दोनों ने मिलकर केतन को एक गहरी खाई में धकेल दिया। इस हादसे में केतन की मौत हो गई। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

विधानसभा में उठा परिवार पर कार्रवाई का मुद्दा

एनसीपी विधायक सुनील शेलके ने इस मामले को विधानसभा में पूरी ताकत से उठाया। उन्होंने मांग की कि लड़की के परिवार को भी इस केस में आरोपी बनाया जाए। शेलके का दावा है कि लड़की के परिवार को उसके अफेयर की जानकारी थी। उन्होंने यह बात अग्रवाल परिवार से छिपाई। विधायक ने मांग की है कि इस मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में होनी चाहिए।

यह भी पढ़ें: Maharashtra: ‘भारत में लागू हो कुरान के कानून, तो दिक्कत नहीं’, NCP विधायक के बयान पर हुआ हंगामा, अब दी सफाई

हादसे की कहानी निकली मर्डर

विधायक शेलके ने बताया कि शुरुआत में केतन के परिवार को लगा कि यह एक कार एक्सीडेंट था। बाद में पुणे ग्रामीण पुलिस की गहन जांच से सच सामने आया। पुलिस को दोनों आरोपियों के फोन कॉल रिकॉर्ड और कई पुख्ता सबूत मिले हैं। शेलके ने पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक और उनकी टीम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि पुलिस ने बेहतरीन काम करके गवाहों के बयान दर्ज किए और सच को उजागर किया।

क्या सरकार मानेगी विधानसभा का आदेश?

पीठासीन अधिकारी राजू खरे ने जैसे ही एसआईटी जांच का आदेश दिया, सदन में बहस छिड़ गई। शिवसेना (उद्धव गुट) के विधायक भास्कर जाधव ने इस पर एक कानूनी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या पीठासीन अधिकारी का यह निर्देश सरकार के लिए मानना जरूरी है? जाधव ने पुराने मामलों का हवाला दिया जहां मुख्यमंत्री ने ऐसे निर्देशों को नहीं माना था। इस पर बीजेपी नेता सुधीर मुनगंटीवार ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि विधानसभा और विधान परिषद के नियम अलग-अलग होते हैं।

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Muzaffarnagar:सूखी रोटी, कोड़े और कुत्तों का खौफ, बल्लम से दागते थे शरीर; कोर्ट में दर्ज हुए पीड़ितों के बयान – Escapee Worker Exposes Bonded Labour Horror, Victims Record Statements In Court

Explainer:ट्रिलियनेयर से फिर बिलेनियर हो गए हैं मस्क, 13 दिन में ऐसा क्या बदल गया, कहां लगी सबसे ज्यादा चपत? – From Trillionaire Back To Billionaire: What Changed For Musk In Just 13 Days?

Bcci-ksca:नौ साल की सीमा पार करने पर संतोष मेनन अयोग्य घोषित, कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ का सचिव पद खाली – Bcci Ombudsman Disqualifies Ksca Secretary Santosh Menon After Completing Maximum Term Know Details

अमेजन का भारत में बड़ा दांव:48 अरब डॉलर का अतिरिक्त निवेश, प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद सीईओ का एलान – Amazon’s Big Bet In India: Additional $48 Billion Investment, Meets Pm Modi

Mandsaur:दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर मौत का तांडव, ट्रक में जा घुसी तेज रफ्तार कार, महाराष्ट्र के चार की मौत – Mandsaur News: Speeding Car Rams Into Truck On Delhi-mumbai Expressway, Four Killed In Horrific Crash

Shreyas Iyer:श्रेयस अय्यर ने इंस्टाग्राम पर क्यों जोड़ी दूसरी जन्मतिथि? दिलचस्प वजह ने फैंस के बीच बढ़ाई हलचल – Why Has Shreyas Iyer Added A 2nd Date Of Birth On His Instagram Account? Know Reason

Leave a Comment