पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड में लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि केतन को लोहागढ़ किले से खाई में धक्का देकर मारने की आरोपी उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसका प्रेमी चेतन चौधरी पिछले छह महीने से लगातार संपर्क में थे, दोनों ने एक-दूसरे को 2,000 से अधिक बार फोन किया था। इन आरोपियों के बीच कुल 238 घंटे बातचीत की थी। पुलिस ने बताया कि उन्हें संदेह है कि सिया और चेतन के बीच इतनी ज्यादा बातचीत उस साजिश का हिस्सा थी, जिसके के तहत 18 जून को केतन की कथित तौर पर हत्या कर दी गई।

कैफे में साजिश को दिया अंतिम रूप
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि घटना के दिन सिया (20) और चेतन (22) कथित तौर पर एक कैफे में मिले थे। इसी कैफे में केतन की हत्या की साजिश को अंतिम रूप दिया था। पुलिस अधिकारी का कहना है कि मुलाकात के दौरान दोनों ने किले की एक ऐसी उपयुक्त जगह की पहचान की, जहां से केतन को खाई में धकेला जा सके। उन्होंने हत्या की साजिश को अंजाम देने की पूरी तैयारी भी की।
पुणे (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक (एसपी) संदीप सिंह गिल ने कहा, सिया और चेतन के बीच पिछले छह महीने में 2,004 बार फोन कॉल हुए थे और कुल 238 घंटे बातचीत की। दोनों के बीच फोन पर कई बार दो-तीन घंटे से ज्यादा समय तक भी बातचीत हुई।

फोटो स्रोत: IANS
दोनों के रिश्ते में अड़चन था केतन
पुलिस के अनुसार, दोनों केतन को अपने रिश्ते में अड़चन मानते थे और इसलिए उन्होंने रियल एस्टेट कारोबारी को रास्ते से हटाने का फैसला किया।एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सिया ने छह जून को मुंबई हवाई अड्डे जाते समय केतन का पासपोर्ट गायब करके प्री-वेडिंग शूट के लिए बाली जाने की दोनों की योजना पर पानी फेर दिया था।
केतन के पासपोर्ट को सिया ने चुराकर वॉशरूम में फेंका
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दिनेश तायडे ने बताया, जांच के दौरान पता चला है कि खालापुर के फूड मॉल में कार से पासपोर्ट चुराने के बाद सिया ने उसे महिलाओं के वॉशरूम में फेंक दिया था। हम हत्या की जांच तो कर ही रहे हैं, साथ ही एक टीम को मॉल भी भेजा जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पासपोर्ट बरामद किया सकता है या नहीं। बता दें कि सिया और केतन की सगाई फरवरी में हुई थी और नवंबर में उदयपुर में एक भव्य समारोह में दोनों की शादी होनी थी, जिसके लिए एक महल बुक किया गया था।
सिया ने केतन पर कई बार किले पर चलने का बनाया था दवाब
पुलिस के मुताबिक, केतन की बहन संजना और परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ के दौरान हमें पता चला कि घटना से पहले सिया ने चेतन पर कई बार अपने साथ लोहागढ़ किला चलने का दबाव बनाया था। उन्होंने बताया, सिया 31 मई को केतन को लोहागढ़ किला ले गई थी। उसने चार जून को घूमने के लिए फिर से लोहागढ़ किला जाने पर जोर दिया। हालांकि, केतन की मां ने उन्हें दूसरी बार वहां जाने की इजाजत नहीं दी।

आरोपी सिया गोयल, फोटो स्रोत: IANS
14 जून को भी सिया ने केतन को दिया था धक्का
पुलिस के मुताबिक, सिया ने केतन को 14 जून को एक बार फिर लोहागढ़ किला चलने के लिए मनाने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि उस दिन भी सिया ने केतन को खाई में कथित तौर पर धकेलने का प्रयास किया, लेकिन केतन ने समय रहते झाड़ी पकड़ ली और खुद को बचाने में कामयाब रहे। जब केतन ने सिया से पूछा कि उसने उन्हें धक्का क्यों दिया, तो सिया ने वहां सांप होने की बात कही और ऐसा जताने की कोशिश की कि वह उन्हें बचाने की कोशिश कर रही थी।
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भागकर शादी करने के खिलाफ थी सिया
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चेतन ने सिया को सगाई तोड़कर भागकर शादी करने का प्रस्ताव दिया था, जिसे सिया ने ठुकरा दिया था। सिया सामाजिक प्रतिष्ठा और परिवार की बदनामी के डर भागकर शादी करने से मना कर दिया। इसके बाद पारिवारिक प्रतिष्ठा को बचाने के चक्कर में दोनों ने मिलकर केतन को ही रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली। पुणे जिले के गहुंजे के रहने वाले केतन अग्रवाल रियल एस्टेट बिजनेस ‘सक्सेस ग्रुप’ के डायरेक्टर और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर थे। उन्होंने एंटरप्रेन्योरशिप में एमएस किया था, जबकि सिया गोयल के पास एक प्राइवेट कॉलेज से कॉमर्स की डिग्री थी।

आरोपी चेतन चौधरी, फोटो स्रोत: IANS
मेरा बेटे के निर्दोष- चेतन के पिता
आरोपी चेतन के वकील राम शहाणे ने कहा कि उनके मुवक्किल को इस मामले में फंसाया गया है। प्राथमिकी में कथित अपराध में चेतन की भूमिका के बारे में साफ तौर पर कुछ नहीं बताया गया है। इसमें बस इतना कहा गया है कि वह मुख्य आरोपी का बॉयफ्रेंड है और इसी आधार पर उसे मामले में फंसाया गया है। हमने पहली रिमांड के दौरान, जब उसे पहली बार अदालत में पेश किया गया था, तब भी यही बात कही थी।वहीं चेतन के पिता बाबूलाल चौधरी ने भी अपने बेटे के निर्दोष होने का दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सिया खुद को बचाने के लिए चेतन को मामले में फंसाने की कोशिश कर रही है। बाबूलाल ने कहा,हमें बताया गया है कि जब यह घटना हुई, तब चेतन सिया और केतन से काफी दूर खड़ा था। मेरा बेटा ऐसा नहीं है।
उन्होंने कहा, हमें नहीं पता कि चेतन उस दिन लोहागढ़ किले में उस जगह पर क्यों मौजूद था। उसने हमें नहीं बताया कि वह वहां क्यों गया था।बाबूलाल ने कहा, मेरा बेटा इस मामले में शामिल नहीं है। वह बेगुनाह है। उन्होंने सिया और चेतन के बीच प्रेम प्रसंग होने की जानकारी होने से भी इनकार किया।

