राम मंदिर की दान राशि हेरफेर का मामला इस हफ्ते सुर्खियों में रहा। जिन लोगों के हाथ में मंदिर की व्यवस्था थी वो सभी सवालों के घेरे में हैं। ट्रस्ट के पदाधिकारियों और कर्मचारियों से लेकर चंदे की गणना में लगे बैंक कर्मी तक सवालों के घेरे में हैं। इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में इसी पर चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री, समीर चौगांवकर, पीयूष पंत, राकेश शुक्ल और श्रीनिवास मौजूद रहे।
श्रीनिवास: सियासत को इससे दूर ही रखें तो ठीक होगा। 2021 में महिपाल सिंह नाम का एक लेखाधिकारी होता था, उसने शिकायत की थी। शिकायत के बाद वो लेखाधिकारी ही ट्रस्ट से बाहर हो गया। मुझे लगता है कि चंपत राय को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। पूरे प्रांगण में 800 कैमरे लगे हैं, उसके बाद भी चोरी कैसे हो गई। जब राम मंदिर आंदोलन चल रहा था, तब से लेकर आजतक चंदे का कोई लेखा-जोखा नहीं आया। इस मामले की एफआईआर कराकर ठीक ढंग से जांच होनी चाहिए।