राजधानी पटना के बहुचर्चित कोचिंग वॉर मामले में प्रसिद्ध शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर को अदालत से बड़ी राहत मिली है। शनिवार को पटना सिविल कोर्ट में हुई अहम सुनवाई के दौरान अदालत ने फैजल खान की अग्रिम जमानत याचिका पर विचार करते हुए उनके अंतरिम संरक्षण को अगली सुनवाई तक के लिए बढ़ा दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अगली तारीख तक फैजल खान की गिरफ्तारी पर रोक बरकरार रहेगी।

कोर्ट ने कहा- नो कोर्सिव एक्शन
शनिवार को हुई इस सुनवाई के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से मामले की अपडेटेड केस डायरी अदालत के समक्ष प्रस्तुत की गई। केस डायरी का अवलोकन करने के बाद अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनीं। कोर्ट ने फिलहाल कोई भी अंतिम फैसला सुनाने के बजाय मामले में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया। इसके साथ ही अदालत ने फैजल खान और उनके पक्ष से जुड़े अन्य लोगों को नो कोर्सिव एक्शन का संरक्षण देते हुए पुलिस को किसी भी प्रकार की कठोर दंडात्मक कार्रवाई न करने का निर्देश दिया है।
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सुरक्षाकर्मियों की जमानत पर भी गरमाई बहस
इस पूरे मामले में कानूनी मोड़ उस वक्त और दिलचस्प हो गया, जब फैजल खान के दोनों सुरक्षाकर्मियों की जमानत याचिका भी सुनवाई के लिए पटल पर आई। एक तरफ जहां फैजल खान को अंतरिम राहत मिल गई, वहीं दूसरी तरफ उनके अंगरक्षकों की जमानत को लेकर अदालत में दोनों पक्षों के बीच कानूनी दांव-पेंच और तीखी बहस हुई।
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विरोधी पक्ष का गंभीर आरोप
इससे पहले, विरोधी पक्ष के अधिवक्ता निरंजन कुमार ने फैजल खान सर की अग्रिम जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने अदालत के सामने दलील दी कि इस पूरे विवाद और कथित साजिश का ताना-बाना खान ग्लोबल स्टडीज के भीतर ही बुना गया था। उन्होंने कहा कि रौशन आनंद द्वारा कदमकुआं थाने में आवेदन दिए जाने के बावजूद अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है, जबकि इसके पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। पीड़ित रौशन आनंद पर जेल के भीतर भी हमले का प्रयास किया गया है और उनके भाई प्रिंस के साथ भी आपराधिक कृत्य हुआ है। इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।

