फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने गुरुवार (18 जून) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हिंदी में एक सरप्राइज फेयरवेल मैसेज दिया. मैक्रों ने हिंदी में कहा, “प्रिय मित्र नरेंद्र, मुझे बहुत खुशी हुई. नीस, एवियन और पेरिस में आपका स्वागत करके मुझे बहुत अच्छा लगा. फ्रांस और भारत की दोस्ती अमर रहे.” ये विदाई संदेश मैक्रों ने पेरिस यात्रा के आखिर में पीएम मोदी को दिया, जो उनके फ्रांस दौरे का भी आखिरी पड़ाव था.
इसके बाद फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि मैंने सही कहा. मेरे प्यारे नरेंद्र मोदी, मैं आपकी दोस्ती के लिए आपका बहुत-बहुत शुक्रिया अदा करना चाहता हूं. फ्रांस आपसे बहुत प्यार करता है. मुझे बहुत खुशी है कि दिल्ली लौटने से पहले आप पेरिस में इतने सारे दोस्तों के साथ हैं.” मैक्रों ने यह भी कहा कि वह अगले साल फरवरी में भारत का दौरा करने की योजना बना रहे हैं.
पीएम मोदी की फ्रांस यात्रा का मकसद भारत-फ्रांस के बीच ‘खास ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ को और मजबूत करना था, जिसे इस साल की शुरुआत में और ऊंचाइयों पर पहुंचाया गया. अपनी यात्रा के आखिरी दिन पीएम मोदी और मैक्रों ने पेरिस में यूरोप के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी और स्टार्ट-अप इवेंट ‘विवटेक 2026’ (VivaTech 2026) में हिस्सा लिया, जिसमें भारत AI कंट्री पार्टनर है. दोनों नेताओं ने एग्जिबिशन पैविलियन का दौरा किया, इनोवेटर्स और एंटरप्रेन्योर्स से भी बातचीत की.
#WATCH | French President Emmanuel Macron speaks in Hindi as he bids farewell to Prime Minister Narendra Modi after the conclusion of his visit to France
(Source: Elysee Palace via XP Division, MEA) pic.twitter.com/af3dgAiQFV
— ANI (@ANI) June 18, 2026
पेरिस में भारतीय समुदाय को किया संबोधित
फ्रांस से रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने पेरिस में भारतीय समुदाय के लोगों को भी संबोधित किया. उन्होंने कहा, “पिछले 12 सालों में भारत का एक्सपोर्ट 35 गुना बढ़ गया है. देश में मोबाइल बनाने वाली यूनिट्स में 100 गुना की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है, जिससे भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल बनाने वाला देश बन गया है. इस तेजी से हो रही तरक्की और विकास की वजह से भारत अब सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है.”
लगातार 12 साल तक प्रधानमंत्री के तौर पर सेवा करने को सौभाग्य बताते हुए पीएम मोदी ने कहा, “यह भारत के लोकतंत्र की ही ताकत है कि एक चाय बेचने वाला इस पद तक पहुंचा है. पिछले 12 साल 140 करोड़ भारतीयों की अद्भुत क्षमता का प्रमाण रहे हैं.” उन्होंने कहा कि इस दौरान भारत की GDP दोगुनी हो गई. साथ ही एयरपोर्ट, यूनिवर्सिटी और हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर में भी बढ़ोतरी हुई और 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले.
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