अयोध्या में स्थित राम मंदिर इस वक्त चर्चाओं में है। मंदिर परिसर के दानपात्रों से ‘गबन’ का आरोप इस चर्चा की वजह है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इसकी जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है।
आखिर यह पूरा मामला क्या है? यह किस दौर में हुआ? कैसे राम मंदिर के दानपात्रों से कथित तौर पर करोड़ों रुपये की राशि गायब की जाती रही? इस मामले का खुलासा कैसे हुआ? किस-किस पर इस घोटाले में शामिल होने के आरोप लगे हैं? आइये जानते हैं…
पहले जानें- कब से कब तक हुआ राम मंदिर में दान राशि का गबन?
आरोप है कि राम मंदिर के दान की राशि में गबन का यह सिलसिला करीब सवा साल तक बेरोकटोक चल रहा था। दान की रकम पार करने वाले संदिग्ध नियमित रूप से दानपात्रों से इकट्ठा रकम इधर से उधर कर रहे थे। कुछ मौकों पर ये हेरफेर अपने चरम पर रही…