कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कोटा दौरे से पहले अब सियासत की लड़ाई शुरू हो गई है। कांग्रेस ने भाजपा पर शहर में लगे राहुल गांधी के पोस्टर हटाने का आरोप लगाया है। बुधवार को राहुल गांधी कोटा के दशहरा मैदान में संवाद कार्यक्रम करेंगे, जिसमें वह छात्रों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं को सुनेंगे और परीक्षा से पहले छात्रों को मोटिवेट करेंगे। जिसको लेकर कांग्रेस की ओर से शहर के प्रमुख चौराहों और मुख्य मार्गों पर राहुल गांधी के पोस्टर लगाए जा रहे हैं। इसी को लेकर आरोप-प्रत्यारोपों की भी सोशल मीडिया पर झड़ी लग गई है।
पोस्टरों के बीच विरोधी पोस्टरों ने बढ़ाई सियासी गर्मी
राहुल गांधी के कोटा दौरे से पहले कांग्रेस ने जहां पूरे शहर में पोस्टर लगा दिए हैं, वहीं इन्हीं पोस्टरों के बीच कई ऐसे पोस्टर भी लगा दिए गए हैं, जिन्होंने राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। शहर के जवाहर नगर, तलवंडी, महावीर नगर सहित कई जगहों पर कांग्रेस के पोस्टरों के बीच कांग्रेस के खिलाफ लगे पोस्टर भी चर्चा का विषय बन गए हैं। इन पोस्टरों पर लिखा है कि जिनके खुद के राज में 19 पेपर लीक हुए, वे किस मुंह से विद्यार्थियों से संवाद करेंगे? ऐसे में कोटा इन राजनीतिक दलों के लिए अखाड़े का मैदान बन गया है, जहां जुबानी हमलों के साथ पोस्टर वॉर भी लगातार जारी है।
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पोस्टर हटाने के आरोप पर कांग्रेस का भाजपा पर हमला
कोटा शहर में लगे कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पोस्टर हटने पर अब विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस नेताओं ने इसके लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि राहुल गांधी के आने से पहले ही भाजपा में डर बैठ गया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि कोटा में राहुल गांधी के पोस्टर और होर्डिंग यदि सोची-समझी साजिश के तहत हटाए जा रहे हैं, तो यह अच्छी बात नहीं है। कोई नेता किसी भी शहर में जाता है तो उसका स्वागत होता है, चाहे वह किसी भी पार्टी का हो। इस तरह होर्डिंग नहीं उतारने चाहिए। भाजपा यही काम करती है। उन्हें राहुल गांधी के कोटा दौरे से डर लगने लगा है, इसलिए वे ऐसा कर रहे हैं।

