इंडिया ए और श्रीलंका ए के बीच त्रिकोणीय सीरीज का यह मुकाबला सिर्फ रोमांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि फैसलों और हालातों को लेकर बड़े विवाद में बदल गया। 100 ओवरों के खेल के बाद स्कोर बराबरी पर था, लेकिन जो सुपर ओवर खेला गया, उसने पूरे मैच की तस्वीर ही बदल दी। मैच के दौरान जैसे-जैसे शाम ढलती गई, मैदान पर रोशनी लगातार खराब होती गई, लेकिन इसके बावजूद सुपर ओवर कराने का फैसला लिया गया। इसी फैसले ने खिलाड़ियों की मुश्किलें बढ़ा दीं और मैच के माहौल को तनावपूर्ण बना दिया।
निर्धारित ओवरों के बाद बराबरी पर पहुंचा मुकाबला
100 ओवरों के खेल के बाद दोनों टीमें 265-265 के स्कोर पर बराबरी पर थीं, जिसके बाद मैच का फैसला सुपर ओवर से किया गया। हालांकि, खराब रोशनी के चलते पहले ही इस फैसले पर सवाल उठने लगे थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय कप्तान तिलक वर्मा सुपर ओवर कराने के पक्ष में थे, जबकि ऑन-फील्ड अंपायर खराब रोशनी को लेकर असहज नजर आए। वहीं, श्रीलंकाई टीम ने इस बहस में कोई हस्तक्षेप नहीं किया। बाद में अधिकारियों की सहमति के बाद यह तय हुआ कि सुपर ओवर खेला जाएगा, लेकिन शर्त रखी गई कि रोशनी और खराब होने पर खेल रोक दिया जाएगा।